हिंडन एयरपोर्ट से सफर करने वाले यात्रियों के लिए अब सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं. अब कोई भी यात्री एयरबेस या रनवे की फोटो और वीडियो मोबाइल फोन से नहीं बना सकेगा. अगर कोई यात्री ऐसा करता पाया गया, तो उसकी जिम्मेदारी सीधे संबंधित एयरलाइंस कंपनी पर तय की जाएगी. यह फैसला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है और सभी एयरलाइंस को इसकी जानकारी दे दी गई है.
हाल के दिनों में कुछ यात्रियों ने फ्लाइट के अंदर से एयरबेस और रनवे की तस्वीरें लीं और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा कर दिया. ये तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं. इस पर एयरफोर्स के अधिकारियों ने गंभीर आपत्ति जताई.
हिंडन एयरपोर्ट एयरफोर्स स्टेशन से जुड़ा हुआ है, इसलिए यहां सुरक्षा के नियम बेहद सख्त हैं. अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की तस्वीरें सुरक्षा के लिहाज से खतरा बन सकती हैं.
एयरपोर्ट की सुरक्षा प्रभारी एसीपी श्वेता कुमारी ने बताया कि फ्लाइट में बैठने के बाद कोई भी यात्री जहाज की खिड़की से बाहर की फोटो या वीडियो नहीं बनाएगा. यदि कोई यात्री ऐसा करता है, तो इसके लिए एयरलाइंस कंपनी को जिम्मेदार माना जाएगा. एयरलाइंस को निर्देश दिए गए हैं कि वे यात्रियों को पहले ही इस नियम की जानकारी दें और फ्लाइट के अंदर निगरानी रखें.
अगर कोई यात्री एयरबेस या रनवे की फोटो या वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर डालता है, तो उस व्यक्ति से भी संपर्क किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर उससे पूछताछ की जा सकती है और आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है.
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें. यात्रा के दौरान लापरवाही न बरतें और फोटो या वीडियो बनाने से बचें. इससे न सिर्फ उनकी सुरक्षा बनी रहेगी, बल्कि एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी.
हिंडन एयरपोर्ट पर लिया गया यह फैसला साफ तौर पर बताता है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. प्रशासन का कहना है कि नियमों का पालन सभी के हित में है और किसी भी तरह की चूक को गंभीरता से लिया जाएगा.