गोरखपुर की आदित्या यादव ने बैडमिंटन में किया कमाल, डेफ गेम्स में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व

आदित्या यादव ने आल इंडिया स्पोर्ट्स काउंसिल ऑफ द डेफ द्वारा 4 और 5 जुलाई को बेंगलुरु में आयोजित चयन ट्रायल में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. इस ट्रायल में देश के विभिन्न हिस्सों से खिलाड़ी पहुंचे थे. कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच आदित्या ने हर मैच में दमदार खेल दिखाया और पहला स्थान हासिल किया. उनकी इस उपलब्धि से गोरखपुर के खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है.

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गोरखपुर: गोरखपुर शहर की होनहार बैडमिंटन खिलाड़ी आदित्या यादव ने एक बार फिर अपनी लगन और मेहनत का परचम लहराया है. उन्होंने एशिया पेसिफिक डेफ गेम्स चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में जगह बना ली है. बेंगलुरु में हुए चयन ट्रायल में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप पोजीशन हासिल की. अब वे मलेशिया में होने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी.

गोरखपुर की आदित्या यादव ने बैडमिंटन में किया कमाल

आदित्या यादव ने आल इंडिया स्पोर्ट्स काउंसिल ऑफ द डेफ द्वारा 4 और 5 जुलाई को बेंगलुरु में आयोजित चयन ट्रायल में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. इस ट्रायल में देश के विभिन्न हिस्सों से खिलाड़ी पहुंचे थे. कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच आदित्या ने हर मैच में दमदार खेल दिखाया और पहला स्थान हासिल किया. उनकी इस उपलब्धि से गोरखपुर के खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है.

आदित्या छोटी उम्र से ही बैडमिंटन के प्रति समर्पित रही हैं. सुनने में कमजोर होने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी. रोजाना घंटों अभ्यास करती हैं. उनके कोच और परिवार का कहना है कि आदित्या की मेहनत और फोकस उन्हें इस मुकाम तक ले आया है. वे न सिर्फ खेल में आगे बढ़ रही हैं बल्कि सुनने की समस्या वाले अन्य खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं.


परिवार और शहर की खुशी

आदित्या के पिता और अन्य परिवार के सदस्यों ने इस सफलता पर खुशी जताई. उन्होंने कहा कि बेटी की मेहनत रंग लाई है. गोरखपुर के खेल अधिकारी और स्थानीय खिलाड़ी भी आदित्या को बधाई दे रहे हैं. लोग कह रहे हैं कि यह सिर्फ एक खिलाड़ी की सफलता नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और खासकर गोरखपुर की खेल संस्कृति के लिए गौरव की बात है.

मलेशिया में होने वाले एशिया पेसिफिक डेफ गेम्स में आदित्या जैसी कई खिलाड़ियां भारत का नाम रोशन करने जा रही हैं. यह प्रतियोगिता सुनने की समस्या वाले एथलीट्स के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है. यहां दुनिया के कई देशों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे. आदित्या जैसे युवा खिलाड़ी न सिर्फ पदक जीतने की कोशिश करेंगी बल्कि देश का सम्मान भी बढ़ाएंगी.