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गोरखपुर में आएंगे 300 करोड़ के निवेश! अमूल समेत 3 कंपनियां लगाएंगी फैक्ट्री, हजारों रोजगार के खुलेंगे रास्ते

गोरखपुर में एथेनाल, डेयरी और इंटीरियर डेकोरेशन क्षेत्र की तीन बड़ी परियोजनाओं से 300 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की उम्मीद है. इससे रोजगार और औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
गोरखपुर में आएंगे 300 करोड़ के निवेश! अमूल समेत 3 कंपनियां लगाएंगी फैक्ट्री, हजारों रोजगार के खुलेंगे रास्ते
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गोरखपुर का औद्योगिक परिदृश्य अब पारंपरिक कारोबार से आगे बढ़ रहा है. जिले में करीब 300 करोड़ रुपये से अधिक के तीन बड़े निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं. इनमें एथेनाल उत्पादन, दूध प्रसंस्करण और इंटीरियर डेकोरेशन उपकरण निर्माण से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं. निवेशकों ने अपनी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट संबंधित विभाग को सौंप दी है. परियोजनाओं के लिए धुरियापार और सहजनवा क्षेत्र में जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है.

धुरियापार में बनेगी एथेनाल फैक्ट्री

सबसे प्रमुख प्रस्ताव धुरियापार क्षेत्र के लिए आया है. मदर्स नेचर नाम की कंपनी यहां एथेनाल उत्पादन इकाई स्थापित करने की तैयारी में है. कंपनी ने इसके लिए लगभग 30 एकड़ जमीन की मांग की है. प्रस्तावित परियोजना में करीब 100 करोड़ रुपये के निवेश की योजना है. फैक्ट्री शुरू होने के बाद धुरियापार क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है.

सहजनवा में अमूल की डेयरी परियोजना

सहजनवा क्षेत्र में अमूल की दूध से संबंधित फैक्ट्री स्थापित करने की तैयारी चल रही है. इसके लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है. दूध प्रसंस्करण इकाई शुरू होने से स्थानीय दुग्ध कारोबार को फायदा मिलने की संभावना है. इससे आसपास के क्षेत्रों में दूध खरीद, परिवहन, सप्लाई और अन्य गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है. परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है.

इंटीरियर डेकोरेशन उपकरण बनाएगी कंपनी

बिहार की गार्नेट इंटीरियर प्राइवेट लिमिटेड ने भी गीडा में फैक्ट्री लगाने का प्रस्ताव दिया है. कंपनी करीब 10 एकड़ जमीन चाहती है और लगभग 100 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना है. प्रस्तावित इकाई में होटल और प्रीमियम भवनों में इस्तेमाल होने वाले इंटीरियर डेकोरेशन उपकरण तैयार किए जाएंगे. इससे निर्माण और इंटीरियर क्षेत्र से जुड़े स्थानीय कारोबार को भी नई मांग मिलने की संभावना है.

जमीन मिलने के बाद शुरू होगा काम

तीनों परियोजनाओं के लिए जमीन आवंटित होने के बाद निर्माण और संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू होगी. गीडा निवेशकों की जरूरत के मुताबिक उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने की तैयारी में है. अधिकारियों के मुताबिक इन इकाइयों से केवल सीधे रोजगार ही नहीं बनेंगे, बल्कि परिवहन, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स, सप्लाई और अन्य सहायक व्यवसायों को भी फायदा होगा.

गोरखपुर का बदलता औद्योगिक चेहरा

लगातार नए निवेश प्रस्ताव आने से जिले के औद्योगिक क्षेत्र में विविधता बढ़ रही है. एथेनाल, डेयरी और इंटीरियर डेकोरेशन जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है. गीडा के अधिकारियों के मुताबिक करीब 300 करोड़ रुपये से अधिक के इन प्रस्तावों को जमीन पर उतारना प्राथमिकता है. परियोजनाओं के क्रियान्वयन से गोरखपुर में उत्पादन क्षमता के साथ रोजगार और सहायक कारोबार का दायरा भी बढ़ सकता है.