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यूपी में मंदिर निर्माण के लिए हो रही खुदाई में निकलीं सोने की ईंटें, सुबह होते-होते हुईं गायब

ईंटों के गायब होने के बाद तरह-तरह की अटकलें शुरू हो गईं. कुछ ग्रामीणों का कहना है कि जिस रात ईंटें दबाई गईं, उस समय वहां एक कथित तांत्रिक भी मौजूद था.

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Sagar Bhardwaj

उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां तालबेहट कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सुनौरी में सवालखिया गौड़ बब्बा स्थान पर मंदिर निर्माण के लिए खुदाई करवाई जा रही थी. गुरुवार शाम करीब छह बजे जेसीबी मशीन के पंजे में अचानक कपड़े से बंधी एक पीतल की पैली निकली. जब लोगों ने कपड़ा हटाकर देखा तो उसमें करीब 16 छोटी-छोटी चमकदार ईंटें रखी थीं, जिन्हें देखते ही पूरे गांव में खजाना मिलने की अफवाह फैल गई. हालांकि अभी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

जेसीबी के पंजे में आई अनोखी पैली

तालबेहट कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सुनौरी में मंदिर निर्माण का काम जोरों पर था. पिलर की खुदाई के दौरान जेसीबी मशीन चला रहे मजदूरों ने देखा कि मशीन के पंजे में कपड़े से लिपटी एक पीतल की पैली फंस गई है. आसपास खड़े ग्रामीणों ने तुरंत उसे बाहर निकाला. जैसे ही कपड़े को हटाया गया, अंदर से चमकती हुई करीब 16 छोटी-छोटी ईंटें बाहर निकलीं. ग्रामीणों का दावा था कि ये ईंटें सोने जैसी दिख रही थीं. कुछ ही देर में यह खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई. लोग उत्सुकता से वहां जमा होने लगे. बताया जाता है कि कुछ ईंटों पर ‘6965’ अंकित था, जिससे लोग और भी हैरान रह गए.

पूजा के बाद ईंटें दोबारा दबाई गईं

ईंटों को सबसे पहले साफ किया गया, फिर उन्हें गौड़ बाबा के समक्ष रखकर विधि-विधान से पूजन किया गया. ग्रामीणों का मानना था कि यह कोई प्राचीन संपदा है, जिसे निकालना अशुभ हो सकता है. इसलिए सभी ने मिलकर उन ईंटों को उसी स्थान पर पुन: गहराई में दबा दिया. लेकिन रात होते-होते मामले ने करवट बदल ली. अगली सुबह जब ग्रामीण दोबारा उस स्थान पर पहुंचे तो वहां ईंटों का नामोनिशान नहीं था. जिस जगह ईंटें दबाई गई थीं, वहां मिट्टी बिखरी हुई थी और गड्ढा खाली था. इससे पूरे गांव में खलबली मच गई.

 रहस्यमयी गायबी और तांत्रिक की चर्चा

ईंटों के गायब होने के बाद तरह-तरह की अटकलें शुरू हो गईं. कुछ ग्रामीणों का कहना है कि जिस रात ईंटें दबाई गईं, उस समय वहां एक कथित तांत्रिक भी मौजूद था. लोगों को शक है कि हो सकता है उसी तांत्रिक ने किसी जादू-टोने के चलते ईंटों को गायब कर दिया हो. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि यह कोई भ्रम था और असल में ईंटें सोने की नहीं, बल्कि किसी अन्य धातु की बनी थीं. फिलहाल इस मामले की सूचना प्रशासन को नहीं दी गई है, न ही किसी पुरातत्व विभाग को जानकारी दी गई है. पुलिस का कहना है कि जब तक की औपचारिक शिकायत नहीं आती, वे कार्रवाई नहीं कर सकते.

पहले भी फिरोजाबाद में मिल चुका है खजाना

गौरतलब है कि इससे करीब पांच महीने पहले फिरोजाबाद जिले के जसराना में भी ऐसा ही मामला सामने आया था. वहां शिवप्रताप नाम के किसान के खेत में भट्ठे के लिए मिट्टी की खुदाई हो रही थी. जेसीबी चलाते समय अचानक एक मटकी निकली थी. मटकी फूटते ही उसमें से चांदी के सैकड़ों सिक्के बिखर गए थे. सिक्कों को पाने के लिए ग्रामीणों के बीच छीना-झपटी भी हुई थी. उस समय भी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की थी और सिक्के आम लोगों के हाथ लग गए थे. ललितपुर का यह मामला भी उसी तर्ज पर चर्चा में बना हुआ है, लेकिन इस बार खजाने के रातोंरात गायब होने ने रहस्य और गहरा कर दिया है.