लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को पुलिस ने हिरासत में लिया, आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट पर बड़ा एक्शन

लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को पहलगाम आतंकी हमले से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में लखनऊ पुलिस ने हिरासत में लिया. सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद कार्रवाई तेज हुई.

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Kanhaiya Kumar Jha

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जुड़ा एक मामला इन दिनों राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है. सोशल मीडिया पर अपनी मुखर राय के लिए पहचानी जाने वाली लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को हजरतगंज पुलिस ने हिरासत में लिया है. यह कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के बाद की गई एक कथित आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर हुई है. अदालतों से राहत न मिलने के बाद पुलिस ने आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की.

लखनऊ की हजरतगंज पुलिस ने लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह कदम तब उठाया गया, जब सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया. इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट भी उन्हें कोई राहत नहीं दे चुका था. पुलिस का कहना है कि यह मामला देश की सुरक्षा और संवेदनशील हालात से जुड़ा है, इसलिए कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है.

सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका

नेहा सिंह राठौर को सुप्रीम कोर्ट से उस समय बड़ा झटका लगा, जब शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका पर हस्तक्षेप से इनकार कर दिया. जस्टिस जेके महेश्वरी और कुलदीप बिश्नोई की बेंच ने स्पष्ट किया कि यह मामला गंभीर आरोपों से जुड़ा है. कोर्ट ने कहा कि वह फिलहाल न तो एफआईआर रद्द करेगी और न ही केस के मेरिट पर कोई टिप्पणी करेगी. इससे साफ हो गया कि जांच आगे बढ़ेगी.

हाईकोर्ट ने भी नहीं दी राहत

इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 सितंबर को नेहा सिंह राठौर की याचिका खारिज कर दी थी. हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द करने से इनकार करते हुए कहा था कि प्रथम दृष्टया मामला जांच योग्य है. अदालत ने यह भी माना कि सोशल मीडिया पोस्ट के प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. इसके बाद से ही यह तय माना जा रहा था कि पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकती है.

एफआईआर में क्या हैं आरोप?

एफआईआर के अनुसार, नेहा सिंह राठौर ने पहलगाम आतंकी हमले के संदर्भ में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी. शिकायतकर्ता अभय प्रताप सिंह का आरोप है कि इस पोस्ट के जरिए एक विशेष धार्मिक समुदाय को निशाना बनाया गया और देश की एकता को नुकसान पहुंचाने वाली बातें कही गईं. यह एफआईआर अप्रैल के आखिरी हफ्ते में हजरतगंज थाने में दर्ज कराई गई थी.

सोशल मीडिया और अभिव्यक्ति की बहस

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की आजादी और उसकी सीमाओं को लेकर बहस छेड़ दी है. समर्थकों का कहना है कि नेहा सिंह राठौर अपनी राय रख रही थीं, जबकि विरोधियों के मुताबिक संवेदनशील मुद्दों पर जिम्मेदारी जरूरी है. फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देशों के तहत की जाएगी.