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इंजन की खराबी या पायलट की चूक? कानपुर प्लेन क्रैश का खुलेगा राज, इंजन सील कर DGCA ने शुरू की गहन जांच

कानपुर में गर्ग एविएशन के ट्रेनर विमान हादसे की डीजीसीए की सात सदस्यीय टीम जांच कर रही है. टीम ने विमान के सभी प्रमुख हिस्सों की जांच के बाद इंजन को सील कर अपने कब्जे में ले लिया है.

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Km Jaya

कानपुर: कानपुर में ट्रेनर विमान हादसे की जांच तेज हो गई है. गर्ग एविएशन के विमान हादसे की जांच के लिए दिल्ली और लखनऊ से आई सात सदस्यीय डीजीसीए टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. टीम ने दुर्घटनाग्रस्त विमान के अलग-अलग हिस्सों और उपकरणों की जांच की है. साथ ही विमान के इंजन को सील कर उसे अपने कब्जे में ले लिया गया है.

गुरुवार को प्रशिक्षण उड़ान के दौरान हुए इस हादसे में प्रशिक्षक पायलट सचिन भाटिया और प्रशिक्षु पायलट अभिषेक प्रभाकर की मौके पर ही मौत हो गई थी. दुर्घटना कानपुर हवाई अड्डे से करीब पांच समुद्री मील दूर गंगा बैराज के पास हुई थी.

सात सदस्यीय टीम कर रही जांच

कानपुर में डीजीसीए टीम की अगुवाई धनंजय कर रहे हैं. उनके साथ कानपुर से तीन, जबकि लखनऊ और दिल्ली से दो-दो अधिकारी जांच में शामिल हैं. टीम ने सबसे पहले हादसे वाली जगह पर मौजूद चहारदीवारी की नापजोख की. इसके बाद डाटा सेवर और प्रोफाइल रिकॉर्ड की जांच की गई.


जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या विमान के संचालन से जुड़े प्रोफाइल मानकों की अनदेखी हादसे की वजह बनी. शुरुआती जांच में प्रोफाइल मानकों को लेकर सवाल सामने आए हैं. हालांकि हादसे की असली वजह डीजीसीए की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी.

इंजन पर टिकी डीजीसीए की नजर

दुर्घटनाग्रस्त विमान के इंजन को सील कर कब्जे में लिए जाने के बाद अब जांच का अहम हिस्सा इंजन की तकनीकी जांच होगी. अधिकारियों के सामने मुख्य सवाल यह है कि हादसा पायलट की किसी चूक से हुआ या विमान के इंजन में तकनीकी खराबी थी.

विमान का मेंटीनेंस निर्धारित अवधि के भीतर होने की बात सामने आई है. वहीं हादसे में जान गंवाने वाले प्रशिक्षक पायलट सचिन भाटिया के पास 3000 से अधिक घंटे का उड़ान अनुभव बताया गया है. वह करीब एक वर्ष से गर्ग एविएशन में प्रशिक्षण दे रहे थे. ऐसे में जांच टीम तकनीकी खराबी और मानवीय चूक दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है.

शनिवार तक जांच पूरी होने की उम्मीद

गर्ग एविएशन के अधिकारियों के अनुसार डीजीसीए की जांच अंतिम दौर में है. इंजन को सील कर कब्जे में लिया गया है और शनिवार तक जांच पूरी होने की संभावना जताई गई है. हादसे के बाद शुक्रवार को प्रशिक्षण उड़ानें बंद रहीं और शनिवार को भी प्रशिक्षण कार्य प्रभावित रहने की बात कही गई है.

गर्ग एविएशन के संरक्षक वीके गर्ग ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि पायलट और प्रशिक्षु की मौत से हर कोई स्तब्ध है. उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा कि यह एक दुर्घटना है और दुख की इस घड़ी में एक-दो दिन प्रशिक्षण कार्य संभव नहीं है. हादसे की वजह पर डीजीसीए की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी.

दो लोगों की गई थी जान

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार वीटी-एनबीवी पंजीकरण संख्या वाला टेकनम पी2006टी डबल इंजन विमान गुरुवार दोपहर कानपुर हवाई अड्डे से करीब पांच समुद्री मील दूर गंगा बैराज के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ था. विमान का संचालन गर्ग एविएशन लिमिटेड करती थी.

विमान कानपुर सिविल हवाई अड्डे के स्थानीय उड़ान क्षेत्र में प्रशिक्षण उड़ान पर था. उसमें प्रशिक्षक और प्रशिक्षु पायलट समेत दो लोग सवार थे. हादसे के बाद डीजीसीए ने जांच शुरू कर दी है और अब तकनीकी जांच के जरिए दुर्घटना की वास्तविक वजह पता लगाने की कोशिश की जा रही है.