बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के दौरान श्रद्धालु का दम घुटा, मौके पर ही मौत; भारी भीड़ बनी वजह
वृंदावन के प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में शनिवार को भारी भीड़ के दौरान मध्य प्रदेश के एक श्रद्धालु की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई. इस हादसे ने मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन की पुरानी समस्या को फिर उजागर कर दिया है.
मथुरा: विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में शनिवार को दर्शन करने आए लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच एक भक्त की अचानक तबीयत खराब होने के कारण जान चली गई. बताया जा रहा है कि वीकेंड होने की वजह से मंदिर परिसर और आसपास की गलियों में पैर रखने तक की जगह नहीं थी. इसी अत्यधिक दबाव और घुटन भरे माहौल के कारण यह दर्दनाक हादसा घटित हुआ.
स्थानीय प्रशासन और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक श्रद्धालु की पहचान 55 वर्षीय भगत सिंह के रूप में हुई है. वे मूल रूप से मध्य प्रदेश के गुना जिले के रहने वाले थे और अपने पूरे परिवार के साथ ठाकुर जी के दर्शन करने की मनोकामना लेकर वृंदावन पहुंचे थे. शनिवार को जब वे परिवार के साथ मुख्य परिसर की ओर बढ़ रहे थे, तभी अचानक भीड़ के रेले के बीच उनका दम घुटने लगा और वे बेहोश होकर गिर पड़े.
दो लाख से अधिक भक्तों की मौजूदगी
चश्मदीदों के अनुसार, शनिवार को बांके बिहारी मंदिर में आराध्य के दर्शन के लिए रिकॉर्ड तोड़ भीड़ उमड़ी थी. एक अनुमान के मुताबिक, उस दिन करीब 2 लाख से ज्यादा श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे. इसी भारी भीड़ में अचानक भगत सिंह की हालत बिगड़ गई. परिजनों और सुरक्षाकर्मियों की मदद से उन्हें तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस घटना से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया.
भीड़ प्रबंधन की पुरानी और गंभीर समस्या
वृंदावन के इस ऐतिहासिक मंदिर में भीड़ प्रबंधन की समस्या कोई नई नहीं है. संकरी गलियों और सीमित स्थान के कारण यहां आए दिन इस तरह के हादसे होते रहते हैं. विशेष त्योहारों और छुट्टियों के दिनों में हालात अक्सर बेकाबू हो जाते हैं. इससे पहले पावन पर्व जन्माष्टमी के अवसर पर भी अत्यधिक भीड़ के कारण दम घुटने और भगदड़ जैसी अप्रिय घटनाओं में श्रद्धालुओं की मौत की खबरें सामने आ चुकी हैं, जो प्रशासन के दावों पर सवाल उठाती हैं.
पिछले साल नवंबर में भी हुआ था ऐसा ही वाकया
गौरतलब है कि बीते नवंबर महीने में भी मंदिर के गेट नंबर 2 के पास दिल्ली के हरि नगर निवासी 68 वर्षीय श्रद्धालु अखिल माथुर की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. वे पिछले 5 साल से दिल की बीमारी से पीड़ित थे और मंदिर में प्रवेश के दौरान अचानक उन्हें बेचैनी हुई थी. उस समय भी उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला संयुक्त चिकित्सालय भेजा गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था. बाद में परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव दिल्ली ले गए थे.