Deoria Murder Case: बहन के प्रेमी की गला रेतकर हत्या, 11 साल बाद कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
Deoria Murder Case: श्रीराम यादव ने अपने दोस्त रमाशंकर की बेरहमी से हत्या कर दी. उसने बाइक से उतरते ही धारदार हथियार से रमाशंकर की आधी गर्दन काट दी और फरार हो गया. यह घटना जुआफ़र गांव में हुई थी.
Deoria Murder Case: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें शादीशुदा बहन के प्रेमी की नृशंस हत्या के जुर्म में भाई को 11 साल बाद उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. घटना 31 अक्टूबर 2014 की है, जब आरोपी श्रीराम यादव ने रमाशंकर यादव की गला काटकर बेरहमी से हत्या कर दी थी. अब अदालत ने इस हत्याकांड में दोषी पाए गए श्रीराम को आजीवन कारावास और 15,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है.
दरअसल, ग्राम जुआफर निवासी श्रीराम यादव की बहन माना देवी की शादी पिपरा शुक्ल गांव में हुई थी और उसके बच्चे भी थे. वहीं, महुई पांडेय गांव के रमाशंकर यादव, जो कि जुआफर में ईंट-भट्ठे पर ट्रैक्टर चलाते थे, का माना से प्रेम संबंध बन गया. रमाशंकर की पत्नी की मृत्यु हो चुकी थी और वह भी दो बच्चों का पिता था. कुछ समय के लिए वह सऊदी अरब नौकरी के लिए चला गया, लेकिन लौटकर माना को अपनी पत्नी की तरह अपने घर पर रखने लगा.
दावत के बहाने बुलाया, फिर...
यह बात माना के भाई श्रीराम को बर्दाश्त नहीं हुई. वह कई बार पुलिस और प्रशासन से शिकायत करता रहा, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. समाज में फैली चर्चाओं और बहन के साथ रमाशंकर के खुले रिश्ते ने श्रीराम को अंदर ही अंदर तोड़ दिया और उसने बदले की आग में रमाशंकर की हत्या की योजना बना ली.
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31 अक्टूबर 2014 की रात श्रीराम ने रमाशंकर को अपने घर शराब और मांस की दावत पर बुलाया. रात को उसने रमाशंकर से उसे बाइक से छोड़ने का निवेदन किया. जुआफर गांव पहुंचते ही चलती बाइक से उतरकर पीछे बैठे श्रीराम ने धारदार हथियार से रमाशंकर की गर्दन काट दी और मौके से फरार हो गया. रमाशंकर ने मौके पर ही तड़पते हुए दम तोड़ दिया.
11 साल बाद मिला इंसाफ, कोर्ट का फैसला
पुलिस ने मृतक के पिता रामायण यादव की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच शुरू की. आरोपी गिरफ्तार हुआ लेकिन कुछ दिन बाद जमानत पर रिहा हो गया. सुनवाई लगातार चली और आखिरकार अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई. सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता श्रीधर तिवारी ने सजा की पुष्टि की.