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कुलदीप सेंगर को लगा बड़ा झटका, सजा पर रोक लगाने से हाई कोर्ट ने किया इनकार

दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की 10 साल की सजा निलंबित करने से इनकार कर दिया. अदालत ने कहा कि राहत के पर्याप्त आधार नहीं हैं.

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Kanhaiya Kumar Jha

लखनऊ: उन्नाव रेप कांड से जुड़े हिरासत मौत मामले में पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने उनकी 10 साल की सजा को सस्पेंड करने की मांग ठुकरा दी. न्यायालय ने स्पष्ट किया कि लंबी कैद और अपील में देरी सजा निलंबन का आधार नहीं हो सकती. अदालत ने मामले की जल्द सुनवाई का भरोसा जरूर दिलाया है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबन याचिका खारिज कर दी. जस्टिस रविंदर दुडेजा ने कहा कि राहत देने के लिए कोई ठोस आधार नहीं बनता. कोर्ट ने साफ किया कि इस मामले में सजा पर रोक नहीं लगाई जा सकती. इसके साथ ही सेंगर की जेल में सजा जारी रखने का रास्ता साफ हो गया है.

देरी का तर्क नहीं माना गया

अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि सेंगर लंबे समय से जेल में हैं, लेकिन केवल इसी आधार पर राहत नहीं दी जा सकती. कोर्ट ने कहा कि अपील में देरी का एक कारण खुद आरोपी द्वारा दायर की गई कई अर्जियां भी हैं. इसलिए देरी को सजा निलंबन का आधार नहीं माना जा सकता. अदालत ने अपील की शीघ्र सुनवाई पर जोर दिया.

2020 का सजा फैसला

13 मार्च 2020 को ट्रायल कोर्ट ने सेंगर को उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में 10 साल की कठोर कैद सुनाई थी. इसके साथ ही उन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था. यह मामला देशभर में चर्चित उन्नाव रेप कांड से जुड़ा हुआ है, जिसने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे.

दोनों पक्षों की दलीलें

पीड़िता की ओर से वकील महमूद प्राचा ने कहा कि सेंगर को जमानत या राहत नहीं मिलनी चाहिए क्योंकि पीड़िता और उसके परिवार को अब भी खतरा है. वहीं, सेंगर के वकीलों ने तर्क दिया कि वे करीब नौ साल से जेल में हैं और कुछ ही समय की सजा शेष है. उन्होंने गवाहों के बयानों में विरोधाभास का भी हवाला दिया.

मामले की पृष्ठभूमि

यह पूरा मामला 2018 में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है. आरोप है कि रेप पीड़िता के पिता को 3 अप्रैल 2018 को दिनदहाड़े पीटा गया और अगले दिन अवैध हथियार मामले में गिरफ्तार किया गया. 9 अप्रैल 2018 को पुलिस हिरासत में उनकी मौत हो गई. सेंगर पहले से ही नाबालिग रेप मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं.