28 किलोमीटर लंबे ग्रीन कॉरिडोर के लोकार्पण की डेट हुई फाइनल , 5 लाख लोगों को होगा सीधा फायदा

ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण लखनऊ विकास प्राधिकरण (Lucknow Development Authority) की ओर से कराया जा रहा है. यह परियोजना आइआईएम रोड से किसान पथ के बीच लगभग 28 किलोमीटर लंबी होगी.

Anuj

लखनऊ: ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए तैयार किए गए ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के दूसरे चरण का शुक्रवार को लोकार्पण किया जाएगा. इस परियोजना से गोमती नदी के किनारे नया मार्ग तैयार हुआ है, जिससे शहर के लगभग पांच लाख लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

इस परियोजना का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे. उद्घाटन समारोह समतामूलक चौराहे के पास होगा, जिसके बाद झूलेलाल वाटिका में एक जनसभा भी आयोजित की जाएगी.

दूसरे चरण का कार्य पूरा

ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण लखनऊ विकास प्राधिकरण (Lucknow Development Authority) की ओर से कराया जा रहा है. यह परियोजना आइआईएम रोड से किसान पथ के बीच लगभग 28 किलोमीटर लंबी होगी. पहले चरण में करीब सात किलोमीटर का मार्ग बनाया गया था, जबकि दूसरे चरण में लगभग चार किलोमीटर लंबा हिस्सा तैयार किया गया है.

130 करोड़ की लागत से सड़क-पुल का निर्माण

दूसरे चरण में समतामूलक चौराहे से निशातगंज तक कई अहम निर्माण कार्य किए गए हैं. इस हिस्से में करीब 130 करोड़ रुपये की लागत से सड़क और पुलों का निर्माण कराया गया है. इसमें कुकरैल के पास 240 मीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा छह लेन का पुल बनाया गया है. इसके अलावा कुकरैल से निशातगंज के बीच बंधा और सड़क निर्माण का काम भी पूरा किया गया है.

सुगम यातायात का विकल्प

इसी तरह निशातगंज में भी 240 मीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा छह लेन पुल तैयार किया गया है. इसके साथ ही हनुमान सेतु से गोमती पुल निशातगंज मार्ग तक सड़क की चौड़ाई 10 मीटर से बढ़ाकर 18 मीटर कर दी गई है, जिससे ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है. ग्रीन कॉरिडोर के किनारे हरियाली और सौंदर्यीकरण का काम भी किया गया है. इस परियोजना के पूरे होने से पुराने और नए लखनऊ के बीच दूरी कम होगी और लोगों को तेज और सुगम यातायात का विकल्प मिलेगा.

बड़े निर्माण कार्य प्रस्तावित

परियोजना के अगले चरणों में और बड़े निर्माण कार्य भी प्रस्तावित हैं. लामार्टीनियर कॉलेज से जी-20 रोड तक करीब 2300 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाने की योजना है, जिस पर लगभग 315 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसके बनने से शहर के कई प्रमुख मार्गों को सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी. इसके अलावा करीब 250 मीटर लंबा नया पुल भी बनाया जाएगा, जिससे आसपास के क्षेत्रों में यातायात और आसान हो जाएगा. अधिकारियों के अनुसार, इस पुल को लगभग एक साल में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है.