उत्तर प्रदेश की राजनीति में कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का नाम हमेशा सुर्खियों में रहता है. अब उनके दोनों बेटे शिवराज प्रताप सिंह और बृजराज प्रताप सिंह भी लगातार चर्चा में बने हुए हैं. हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दोनों भाइयों को डेढ़ करोड़ की डिफेंनडर और गनर के साथ देखा गया. दोनों युवा नेता अब जनसत्ता दल लोकतांत्रिक की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की तैयारी में दिखाई दे रहे हैं.
राजा भैया उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा सीट से निर्दलीय (अब जनसत्ता दल लोकतांत्रिक) विधायक हैं. 1993 से लगातार विधायक बने रहने वाले राजा भैया अपने रसूख, समर्थकों के बीच राजा छवि, महंगी गाड़ियों के शौक और बेंती स्थित आलीशान कोठी के लिए प्रसिद्ध हैं. 1993 से अब तक लगातार कुंडा से वह सात बार विधायक बन चुके हैं. वह अक्सर शस्त्र पूजन, अवैध हथियारों के आरोपों (पत्नी भानवी सिंह द्वारा) और अपनी राजनीतिक शैली के कारण चर्चा में रहते हैं.
विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया के दो सुपुत्र दोनों के पास गनर!
जिंदगी हो तो ऐसी वरना ज़िंदा तो…खैर छोड़ो।
(मैं चला अपनी taxation की क्लास लेने) https://t.co/QMRVtXWoVj pic.twitter.com/Aht8cV6Ycf— खुरपेंच (@khurpenchh) May 9, 2026Also Read
राजा भैया के जुड़वां बेटे शिवराज प्रताप सिंह और बृजराज प्रताप सिंह अब खुलकर राजनीतिक मंचों पर नजर आने लगे हैं. दोनों 23 साल के हैं और दोनों भाइयों ने पिछले विधानसभा चुनावों में कुंडा क्षेत्र में अपने पिता के लिए प्रचार किया था. स्थानीय कार्यक्रमों, जनसभाओं और पार्टी बैठकों में उनकी मौजूदगी लगातार बढ़ रही है. समर्थकों के बीच उनकी लोकप्रियता भी चर्चा का विषय बनी हुई है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दोनों के साथ सुरक्षा गार्ड दिखने के बाद लोगों ने इसे राजनीतिक प्रभाव और बढ़ती सक्रियता से जोड़कर देखा.
जलवा हो तो रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया जैसा!!
— खुरपेंच (@khurpenchh) May 7, 2026
अपने बेटे तक के लिए सरकारी गनर की व्यवस्था कर रखी है।
(खैर मुझे क्या लेना देना मैं चला अपना रिटर्न फ़ाइल करने) pic.twitter.com/phpUJgixgG
दोनों भाइयों ने ग्वालियर के प्रतिष्ठित The Scindia School से पढ़ाई की है. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने धीरे-धीरे राजनीति में रुचि बढ़ाई. परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि दोनों युवाओं को बचपन से ही राजनीतिक माहौल मिला. कुंडा क्षेत्र में कई युवा समर्थक उन्हें भविष्य के नेता के रूप में देखने लगे हैं.