'बजरंग दल कार्यकर्ताओं द्वारा मुसलमानों की हत्या का झूठा वीडियो', कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा की साजिश का भंड़ाफोड़

मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक गंभीर मामले में कार्रवाई करते हुए तीन व्यक्तियों नदीम, मनशेर, और रहीसको गिरफ्तार किया है. इन पर आरोप है कि इन्होंने व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिए एक फर्जी वीडियो वायरल किया.

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Garima Singh

Kanwar Yatra exposed: मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक गंभीर मामले में कार्रवाई करते हुए तीन व्यक्तियों नदीम, मनशेर, और रहीसको गिरफ्तार किया है. इन पर आरोप है कि इन्होंने व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिए एक फर्जी वीडियो वायरल किया, जिसमें मंसूरपुर और आसपास के गांवों में बजरंग दल कार्यकर्ताओं द्वारा मुसलमानों की हत्या का झूठा दावा किया गया था. पुलिस के अनुसार, यह वीडियो कथित तौर पर पाकिस्तान से प्राप्त हुआ था, जिसका उद्देश्य सांप्रदायिक तनाव को भड़काना था.

पुलिस पूछताछ में तीनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनका इरादा 2025 की कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक तनाव पैदा करना था. पुलिस ने बताया कि यह एक सुनियोजित साजिश थी, जिसके तार विदेशी ताकतों से जुड़े हो सकते हैं. पुलिस इस मामले में पाकिस्तान स्थित आईएसआई संचालकों द्वारा घुसपैठ की संभावना की भी जांच कर रही है. इस सिलसिले में तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनका फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है.

कानूनी कार्रवाई और जांच

मुजफ्फरनगर पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता (बीएनएस), गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (यूएपीए), और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस का कहना है, “हम इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं ताकि ऐसी साजिशों के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आए.”  

सामाजिक सौहार्द की रक्षा का संकल्प

पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली किसी भी संदिग्ध सामग्री पर विश्वास न करें और अफवाहों से बचें. इस घटना ने एक बार फिर सांप्रदायिक सौहार्द को बनाए रखने की जरूरत पर बल दिया है.