'धनघटा और खजनी जैसे क्षेत्रों की बदली सूरत...', संत कबीर नगर में CM योगी ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को बताया व्यापार और रोजगार का बड़ा कारण
संत कबीर नगर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अच्छे जनप्रतिनिधियों के चयन से विकास और विरासत दोनों को सम्मान मिलता है.
संत कबीर नगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास और सांस्कृतिक विरासत को साथ लेकर चलने की बात कही. उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क, कनेक्टिविटी और ऐतिहासिक स्थलों के विकास पर लगातार काम किया जा रहा है, जिससे पिछड़े क्षेत्रों को नई पहचान मिल रही है.
विकास की नई तस्वीर बना रहा पूर्वांचल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब जनता सही प्रतिनिधियों का चयन करती है, तब ऐसी सरकार बनती है जो विकास को प्राथमिकता देती है. उन्होंने बताया कि धनघटा और खजनी जैसे क्षेत्र, जिन्हें कभी पिछड़े इलाकों के रूप में देखा जाता था. आज बेहतर सड़क नेटवर्क और आधुनिक सुविधाओं से जुड़ रहे हैं. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के माध्यम से इन क्षेत्रों की राजधानी लखनऊ तक पहुंच आसान हुई है. इससे व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों में भी बढ़ोतरी हो रही है. उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी किसी भी क्षेत्र के विकास की सबसे मजबूत नींव होती है और सरकार इसी दिशा में लगातार काम कर रही है.
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विरासत को संवारने पर विशेष जोर
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि हमारी पहचान का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि कई ऐसे स्थल थे जो वर्षों तक उपेक्षा का शिकार रहे लेकिन अब उनका संरक्षण और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्य केवल इमारतों को सुंदर बनाने तक सीमित नहीं है, उन लोगों के प्रति सम्मान भी है जिन्होंने इन स्थानों को बसाया और उन्हें इतिहास का हिस्सा बनाया. उन्होंने कहा कि विरासत का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है.
विकास और संस्कृति साथ-साथ
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल नई परियोजनाएं शुरू करना नहीं, बल्कि विकास और संस्कृति के बीच संतुलन बनाना भी है. उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली, पानी और रोजगार जैसी सुविधाओं के साथ-साथ सांस्कृतिक स्थलों का विकास भी उतना ही जरूरी है. इससे स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलता है और लोगों को नए अवसर मिलते हैं. मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में पूर्वांचल के कई क्षेत्र विकास के नए केंद्र बनेंगे. उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रगति में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है और सरकार इसी सोच के साथ आगे बढ़ रही है.