तेजी से बदलेगा बरेली शहर! सीएम योगी 511 करोड़ रुपये की सड़कों का करेंगे लोकार्पण-शिलान्यास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बरेली दौरे की तैयारियां तेज हो गई हैं. प्रशासन 44 अरब रुपये की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास की तैयारी में जुटा है. बरेली कॉलेज में बड़ी जनसभा आयोजित किए जाने की भी संभावना है.
यूपी: बरेली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिले में 511 करोड़ रुपये से अधिक की सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे. इस दौरान 113 किलोमीटर लंबे 14 मार्गों का लोकार्पण होगा, जिनकी कुल लागत 242 करोड़ रुपये है. विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में 269.63 करोड़ रुपये की 44 सड़कों का शिलान्यास भी किया जाएगा. मुख्यमंत्री के आगमन से पहले इन परियोजनाओं के शिलापट लगाने की तैयारी चल रही है.
लोकार्पण की जाने वाली 14 सड़कों में नवाबगंज, बहेड़ी, मीरगंज, फरीदपुर और आंवला क्षेत्रों के मार्ग शामिल हैं. इनमें नवाबगंज में उद्योग लाजिस्टिक पार्क योजना के तहत 2.56 करोड़ रुपये का कार्य हुआ है. नवाबगंज में बीजामऊ से केसरपुर मार्ग तक 16.35 किमी का चौड़ीकरण 24.90 करोड़ रुपये से किया गया है. बहेड़ी में जहानाबाद रिछा मार्ग का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण 3.36 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हुआ है.
शहर को कूड़े की समस्या से मिलेगी निजात:
शहर में कूड़े की समस्या से निजात दिलाने के लिए सथरापुर स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को चालू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं. इ . इस प्लांट के सक्रिय होने से प्रतिदिन करीब 500 मीट्रिक टन कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण संभव हो सकेगा. मुख्यमंत्री के आगामी संभावित दौरे के दौरान इस परियोजना को हरी झंडी मिल सकती है.
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प्लांट परिसर में आधुनिक मशीनों की स्थापना का कार्य शुरू हो चुका है. तकनीकी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. नगर निगम के अधिकारी देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर और गुजरात के सफल कचरा प्रबंधन मॉडलों का अध्ययन कर रहे हैं. इन राज्यों से कचरा प्रोसेसिंग और प्लांट संचालन से जुड़ी तकनीकी रिपोर्ट भी मंगवाई जा रही हैं.
शहर की पूरी कचरा प्रबंधन प्रणाली में होगा बदलाव:
पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने बताया कि इस प्लांट के चालू होने से सड़कों के किनारे लगने वाले कूड़े के ढेरों और डंपिंग की समस्या का खात्मा हो जाएगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि प्लांट के शुरू होने के बाद शहर की पूरी कचरा प्रबंधन प्रणाली बदल जाएगी. वैज्ञानिक तरीके से कचरे का निस्तारण प्रदूषण को कम करेगा. इससे जहां शहरवासियों की सेहत बेहतर होगी, वही इससे शहर की स्वच्छता रैंकिंग में भी सुधार आने की उम्मीद है. यह पहल शहरवासियों के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगी.