ड्रग्स और स्मार्टफोन के बढ़ते नशे को लेकर CM योगी की युवाओं को नसीहत, बोले- 'शरीर स्वस्थ होगा तो मस्तिष्क स्वस्थ होगा...'
सीएम योगी ने बताया कि आज की युवा पीढ़ी दो बड़े खतरों से घिरी है. पहला खतरा ड्रग्स और नशीले पदार्थों का है. नशा माफिया युवाओं को बर्बाद करके देश को कमजोर करना चाहता है. हर जागरूक नागरिक को इस खिलाफ लड़ना चाहिए. दूसरा खतरा स्मार्टफोन का है.
यूपी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को ड्रग्स और स्मार्टफोन के नशे से दूर रहने की नसीहत दी है. गोरखपुर में नागपंचमी के मौके पर आयोजित प्रदेश स्तरीय सीनियर कुश्ती प्रतियोगिता के समापन समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा कि खेल-कूद से जुड़े युवा नशे से दूर रहते हैं.
CM योगी की युवाओं को नसीहत
सीएम योगी ने बताया कि आज की युवा पीढ़ी दो बड़े खतरों से घिरी है. पहला खतरा ड्रग्स और नशीले पदार्थों का है. नशा माफिया युवाओं को बर्बाद करके देश को कमजोर करना चाहता है. हर जागरूक नागरिक को इस खिलाफ लड़ना चाहिए. दूसरा खतरा स्मार्टफोन का है. मोबाइल पर बिताए गए समय का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा बेकार जाता है. सिर्फ 10 प्रतिशत समय ही सही मायने में उपयोगी होता है.
'शरीर स्वस्थ होगा तो मस्तिष्क स्वस्थ होगा...'
उन्होंने सलाह दी कि अगर युवा मोबाइल से पांच-छह घंटे बचा सकें और उसमें से सिर्फ एक घंटा शरीर की देखभाल में लगाएं तो स्वास्थ्य सुधर जाएगा. शरीर स्वस्थ रहेगा तो दिमाग भी सही रहेगा. स्वस्थ दिमाग वाला युवा मानसिक तनाव से बचेगा और देश को मजबूत बनाने में अपना योगदान दे सकेगा.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि माफिया प्रवृत्ति युवा शक्ति की सबसे बड़ी दुश्मन है. चाहे शिक्षा माफिया हो, खेल माफिया हो या ड्रग माफिया, अगर यह बढ़ेगा तो सबसे ज्यादा नुकसान युवाओं को होगा. डबल इंजन सरकार खेल संस्कृति को बढ़ावा दे रही है. युवाओं को बचाने के लिए इसे सकारात्मक ढंग से आगे बढ़ाना जरूरी है.
योगी आदित्यनाथ ने पुरानी सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके एजेंडे में युवा और खेल कभी नहीं थे. जो लोग आज युवा-युवा चिल्लाते हैं, उन्होंने सत्ता में रहते हुए युवाओं के लिए कुछ नहीं किया. उन्होंने सब कुछ माफिया के हाथों में छोड़ दिया था. अब अगर कोई माफिया युवाओं के जीवन से खिलवाड़ करेगा तो उसकी संपत्ति जब्त करके सख्त कार्रवाई की जाएगी.
पिछले 10-12 साल में भारत में खेल संस्कृति काफी बदली है. खेलो इंडिया, फिट इंडिया, सांसद-विधायक खेल प्रतियोगिता और ग्रामीण लीग जैसी योजनाओं से नई प्रतियोगिताएं शुरू हुई हैं. कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया. वे चौथे स्थान पर रहे. उत्तर प्रदेश के नौ खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें से तीन ने मेडल जीते- एक गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज.
सीएम ने जोर दिया कि खेलों से युवा जुड़ेंगे तो नशा अपने आप दूर होगा. स्वस्थ और जागरूक युवा ही देश को सशक्त बना सकते हैं. गोरखनाथ मंदिर परिसर में हुए इस कार्यक्रम में उन्होंने खिलाड़ियों को पुरस्कार भी दिए और खेल भावना को बढ़ावा देने की अपील की.