कानपुर में योगी आदित्यनाथ का राहुल-अखिलेश पर वार, बोले- 'छोटे मियां' और 'बड़े मियां' को घुसपैठियों से प्यार

कानपुर के बिठूर में वाल्मीकि जयंती कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला.

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Km Jaya

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर के बिठूर में आयोजित वाल्मीकि जयंती कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव का नाम लिए बिना उन्हें 'छोटे मियां' और 'बड़े मियां' कहकर संबोधित किया. मुख्यमंत्री ने दोनों दलों पर घुसपैठियों का समर्थन करने और दलितों, वंचितों, गरीबों, किसानों तथा युवाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया.

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में इस समय दो मियां हैं, एक छोटे मियां और दूसरे बड़े मियां. उनके मुताबिक दोनों को घुसपैठियों से बहुत प्यार है. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी बांग्लादेशी घुसपैठियों को गले लगाती हैं, जबकि दलितों, वंचित वर्ग, गरीबों, किसानों और युवाओं का अपमान करती हैं.

वाल्मीकि आश्रम में की पूजा-अर्चना 

बिठूर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वाल्मीकि आश्रम में पूजा-अर्चना भी की. इसके बाद उन्होंने नाना राव पेशवा पार्क में करीब 411 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक महत्व वाले क्षेत्रों के विकास के साथ-साथ समाज के वंचित वर्गों से जुड़े स्थलों के विकास पर भी काम कर रही है.


गरीबों की जमीनों पर कब्जा 

मुख्यमंत्री ने पिछली समाजवादी पार्टी सरकारों पर कानून-व्यवस्था को लेकर भी हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन के दौरान पार्टी से जुड़े अपराधियों ने व्यापारियों और गरीबों की जमीनों पर कब्जा किया. महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी उन्होंने पिछली सरकारों पर सवाल उठाए. साथ ही आरोप लगाया कि युवाओं को नौकरियों के लिए परेशान होना पड़ता था और भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार होता था.

योगी ने अयोध्या के विकास को लेकर कांग्रेस और सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों के दौरान अयोध्या में बिजली, सफाई और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति ठीक नहीं थी. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अयोध्या के विकास को प्राथमिकता दी है. मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ धाम के विकास का भी उदाहरण दिया और कहा कि काशी के विकास के बाद श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में काफी विस्तार हुआ है.

विकास पर सरकार कर रही काम 

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों को विकसित करने की योजनाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अयोध्या, मथुरा, वृंदावन, प्रयागराज, विंध्यवासिनी, शुकतीर्थ, नैमिषारण्य और बिठूर जैसे धार्मिक स्थलों के विकास पर सरकार काम कर रही है. योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश में डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास और महर्षि वाल्मीकि से जुड़े करीब 4,000 स्थलों को विकसित करने की योजना है. इन स्थानों पर जरूरत के अनुसार चारदीवारी, छत या शेड, सुरक्षा व्यवस्था और सौंदर्यीकरण का काम कराया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने और क्या कहा?

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों के दौरान हुई हिंसा का भी जिक्र किया. उन्होंने कोसीकलां हिंसा, मथुरा के जवाहरबाग कांड और मुजफ्फरनगर दंगों का उल्लेख करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों पर सवाल उठाए. जवाहरबाग मामले में उन्होंने आरोप लगाया कि सपा से जुड़े लोगों ने जमीन पर कब्जा किया था और कब्जा हटाने की कार्रवाई के दौरान पुलिस अधिकारियों मुकुल द्विवेदी और संतोष यादव की मौत हुई थी.

अखिलेश यादव को लेकर क्या बोले?

अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा कि राजनीतिक कुर्सी विरासत में मिल सकती है, लेकिन बुद्धिमत्ता विरासत में नहीं मिलती. उन्होंने दावा किया कि जनता समाजवादी पार्टी के शासन के रिकॉर्ड को खारिज कर चुकी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में दोबारा जगह बनाने के लिए नेताओं को जमीन पर उतरकर जनता का विश्वास हासिल करना पड़ता है.

योगी आदित्यनाथ के इस बयान को उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के खिलाफ भाजपा के आक्रामक रुख के तौर पर देखा जा रहा है. बिठूर के मंच से मुख्यमंत्री ने विकास, कानून-व्यवस्था और धार्मिक स्थलों के विकास के मुद्दों के साथ विपक्ष पर राजनीतिक हमला बोला.