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'हर व्यक्ति नहीं बन सकता शंकराचार्य', अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर पहली बार विधानसभा में बोले CM योगी

उत्तर प्रदेश विधानसभा में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है. उन्होंने परंपरा और मर्यादा का हवाला देते हुए साफ कहा कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं बन सकता और कानून व्यवस्था से समझौता नहीं होगा.

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Edited By: Babli Rautela
'हर व्यक्ति नहीं बन सकता शंकराचार्य', अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर पहली बार विधानसभा में बोले CM योगी
Courtesy: Instagram

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर विधानसभा में विस्तार से अपनी बात रखी है. 13 फरवरी को सदन में बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने परंपरा, मर्यादा और कानून व्यवस्था को लेकर साफ संदेश दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि जगद्गुरु शंकराचार्य की परंपरा में किसी भी पीठ पर आसीन होने के लिए तय प्रक्रिया होती है. विद्वत परिषद द्वारा मंत्र और भाष्य का अनुमोदन किया जाता है. उसके बाद अभिषेक और फिर परंपरा से मान्यता मिलती है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं बन सकता और कोई भी व्यक्ति किसी भी पीठ के आचार्य के रूप में जाकर वातावरण खराब नहीं कर सकता.

सीएम योगी ने कहा कि शंकराचार्य पद केवल आस्था का नहीं बल्कि अनुशासन और मर्यादा का भी विषय है. इस पद से जुड़ी एक सख्त परंपरा है जिसे सभी को मानना होगा. उन्होंने संकेत दिया कि धार्मिक पदों का उपयोग राजनीतिक या सामाजिक अस्थिरता पैदा करने के लिए नहीं होना चाहिए. उनके अनुसार परंपराओं की अनदेखी से भ्रम की स्थिति बनती है और इससे समाज में अनावश्यक विवाद खड़े होते हैं. उन्होंने कहा कि मर्यादाओं का पालन सभी के लिए अनिवार्य है.

वाराणसी लाठीचार्ज पर विपक्ष से किया सवाल

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा. उन्होंने पूछा कि अगर संबंधित व्यक्ति शंकराचार्य थे तो वाराणसी में लाठीचार्ज क्यों हुआ और एफआईआर क्यों दर्ज की गई. उन्होंने विपक्ष से नैतिकता के सवाल पर जवाब मांगा. यह बयान ऐसे समय आया है जब इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो चुकी है. सदन में उनके इस सवाल के बाद माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया.

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया. उन्होंने कहा कि जहां साढ़े चार करोड़ श्रद्धालु पहुंचे हों, वहां एग्जिट गेट और पंटून मार्ग से किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति उस मार्ग से प्रवेश करने का प्रयास करता है तो इससे भगदड़ की स्थिति पैदा हो सकती है और लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है. उन्होंने इसे श्रद्धालुओं के जीवन के साथ खिलवाड़ बताया.

कानून के शासन पर दो टूक संदेश

सीएम योगी ने सख्त लहजे में कहा कि एक जिम्मेदार और मर्यादित व्यक्ति ऐसा आचरण नहीं कर सकता. उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार कानून के शासन पर विश्वास करती है. कानून का पालन करना भी जानती है और पालन करवाना भी जानती है. उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर लोगों को गुमराह करने की कोशिश बंद होनी चाहिए. सरकार का उद्देश्य व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.