बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की नई राष्ट्रीय टीम के गठन के साथ उत्तर प्रदेश को लेकर पार्टी की रणनीति के संकेत भी सामने आए हैं. यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश दिखाई देती है. पार्टी ने राज्य से कई नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर अहम जिम्मेदारियां दी हैं. इनमें महिला, OBC, युवा, दलित और मुस्लिम समुदायों से जुड़े चेहरे शामिल हैं.
नई टीम में उत्तर प्रदेश से तीन महिला और तीन OBC चेहरों को प्रमुख जिम्मेदारियां मिलने की चर्चा है. राष्ट्रीय महासचिव के पद पर स्मृति ईरानी की वापसी को महिला नेतृत्व के लिहाज से अहम माना जा रहा है. वहीं रेखा वर्मा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी बरकरार रखी गई है. कुर्मी समाज से आने वाली रेखा वर्मा धौरहरा से दो बार सांसद रह चुकी हैं. पार्टी के लिए उनका क्षेत्रीय और सामाजिक प्रभाव महत्वपूर्ण माना जाता है.
राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य को OBC मोर्चे का राष्ट्रीय प्रभारी बनाया गया है. वह मौर्य समाज से आते हैं और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के करीबी माने जाते हैं. प्रयागराज क्षेत्र से आने वाले अमरपाल मौर्य को जिम्मेदारी देने के पीछे OBC, खासकर मौर्य-कुशवाहा समुदाय तक संगठन की पहुंच मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. 2024 के लोकसभा चुनाव में इस सामाजिक समूह के समर्थन में बदलाव ने बीजेपी की चिंता बढ़ाई थी.
राष्ट्रीय मंत्री के तौर पर संगीता यादव को शामिल किया गया है. यादव समुदाय से आने वाली संगीता पूर्व में योगी सरकार में मंत्री और विधायक रह चुकी हैं तथा फिलहाल राज्यसभा सांसद हैं. पूर्वांचल में यादव मतदाताओं के बीच पार्टी की पकड़ बढ़ाने के लिहाज से उनका चेहरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है. वहीं बुलंदशहर से सांसद भोला सिंह को दलित प्रतिनिधित्व के तौर पर राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है. पश्चिमी यूपी में दलित समुदाय तक पहुंच बढ़ाने में उनकी भूमिका अहम हो सकती है.
पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है. बस्ती से आने वाले द्विवेदी का ABVP और युवा मोर्चा से जुड़ा लंबा संगठनात्मक अनुभव रहा है. 2024 का लोकसभा चुनाव हारने के बावजूद उन्होंने संगठनात्मक गतिविधियां जारी रखीं और असम में पार्टी के प्रभारी के तौर पर काम किया. उन्हें राष्ट्रीय टीम में शामिल करना युवा और ब्राह्मण नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.
बीजेपी ने उत्तर प्रदेश से दो मुस्लिम नेताओं को भी राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति और राज्यसभा सांसद प्रो. तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है. वह 2017 से 2023 तक AMU के कुलपति रहे थे. वहीं मेरठ से आने वाले कुंवर वासी ताली को भी संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका मिली है. उन्हें पश्चिमी यूपी में मुस्लिम समुदाय तक पहुंच मजबूत करने वाले चेहरे के तौर पर देखा जा रहा है.
कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय टीम में शामिल नेताओं के जरिए बीजेपी ने अलग-अलग सामाजिक वर्गों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है. OBC, महिला, युवा, दलित, ब्राह्मण और मुस्लिम चेहरों का यह मिश्रण 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की व्यापक सामाजिक रणनीति की ओर संकेत करता है. अब इन नेताओं की असली परीक्षा यूपी में संगठन को मजबूत करने और अलग-अलग वर्गों के बीच पार्टी का आधार बढ़ाने में होगी.