BRICS 2026

BRICS Summit में गूंजा बिजनौर की महिलाओं का हुनर, विदेशियों को खूब पसंद आ रही चाय; PM मोदी भी कर चुके हैं तारीफ

उत्तर प्रदेश के बिजनौर की ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी BRICS सम्मेलन में विदेशी मेहमानों तक पहुंच गई है. छोटे से लोन से शुरू हुआ यह सफर आज करोड़ों के कारोबार में बदल चुका है.

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Babli Rautela

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के एक छोटे से गांव से शुरू हुई महिलाओं की मेहनत अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच गई है. बिजनौर की ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी इन दिनों BRICS सम्मेलन में विदेशी मेहमानों और अधिकारियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है.

कभी छोटे स्तर पर शुरू हुआ यह प्रयास आज एक बड़े ब्रांड में बदल चुका है. दावा है कि करीब 1 लाख रुपये के शुरुआती लोन से शुरू हुआ यह सफर अब 12 करोड़ रुपये के सालाना टर्नओवर तक पहुंच गया है.

BRICS सम्मेलन में परोसी जा रही बिजनौर की चाय

दिल्ली में आयोजित BRICS सम्मेलन में दुनिया के अलग-अलग देशों से आए मेहमानों और अधिकारियों को विदुर हर्बल टी परोसी जा रही है. अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के बीच इस स्वदेशी चाय की मौजूदगी ने बिजनौर की ग्रामीण महिलाओं के काम को नई पहचान दी है. इससे पहले भी इस चाय को बड़े आयोजनों में जगह मिल चुकी है. दिल्ली के इंटरनेशनल फूड फेस्टिवल और प्रयागराज के महाकुंभ में भी विदेशी पर्यटकों ने इसका स्वाद चखा था.


एक लाख रुपये से शुरू हुआ कारोबार

विदुर ब्रांड की शुरुआत दिसंबर 2023 में बिजनौर जिला प्रशासन की पहल से हुई थी. इसे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने आगे बढ़ाया. बबीता रानी और उनके साथ काम करने वाली ग्रामीण महिलाओं ने छोटे स्तर पर इस काम की शुरुआत की. धीरे-धीरे उत्पाद की मांग बढ़ती गई और आज बिजनौर में इसके 35 से ज्यादा आउटलेट और कैफे संचालित होने की जानकारी सामने आई है. उत्तर प्रदेश के दूसरे शहरों में भी इसका नेटवर्क विस्तार कर रहा है. अब अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों में फ्रेंचाइजी और आउटलेट शुरू करने की तैयारी की जा रही है.

क्या है विदुर हर्बल टी में खास

विदुर हर्बल टी को प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और मसालों से तैयार किया जाता है. इसमें लेमन ग्रास, तुलसी, गिलोय, कच्ची हल्दी, मुलेठी, दालचीनी, इलायची और सौंफ जैसी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है. लेमन ग्रास और तुलसी इसके स्वाद और खुशबू को अलग बनाते हैं. वहीं मुलेठी और दालचीनी जैसे ingredients चाय को एक खास स्वाद देते हैं. ब्रांड की पहचान प्राकृतिक और स्वदेशी सामग्री पर आधारित हर्बल टी के तौर पर बनाई गई है. हालांकि इसके स्वास्थ्य संबंधी दावों को किसी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.

PM मोदी भी कर चुके हैं तारीफ

बिजनौर की महिलाओं की इस पहल की चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम मन की बात तक भी पहुंच चुकी है. दिए गए विवरण के मुताबिक पीएम मोदी ने मन की बात के 136वें एपिसोड में इन महिलाओं के प्रयास की सराहना की थी. प्रधानमंत्री की तारीफ के बाद ब्रांड को लेकर लोगों की दिलचस्पी और बढ़ी और इसके ऑर्डर तथा डिस्ट्रीब्यूशन की मांग में भी बढ़ोतरी होने की बात कही गई.