टाइपिंग टेस्ट में 3 बार फेल होने पर क्लर्क बना चपरासी, बरेली DM ने किया डिमोशन

बरेली में तीन बार टाइपिंग टेस्ट में फेल होने पर डीएम अविनाश सिंह ने कनिष्ठ लिपिक रेहान खान को डिमोट कर चपरासी बना दिया. वहीं, गबन के आरोपी कर्मचारी को बर्खास्त किया.

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Sagar Bhardwaj

बरेली जिले के मीरगंज तहसील में तैनात कनिष्ठ लिपिक रेहान खान पर डीएम अविनाश सिंह ने सख्त रुख अपनाया है. हिंदी टाइपिंग परीक्षा में लगातार तीन बार असफल रहने पर उन्हें कनिष्ठ सहायक के पद से हटाकर चतुर्थ श्रेणी (चपरासी) के पद पर डिमोट कर दिया गया है. शासनादेश के तहत यह आदेश 16 सितंबर 2026 को जारी किया गया.

तीन बार मिला था मौका

रेहान खान की नियुक्ति 5 जुलाई 2021 को मृतक आश्रित कोटे के तहत हुई थी. नियमानुसार उन्हें हिंदी टंकण परीक्षा पास करना अनिवार्य था. सितंबर 2023 और जून 2024 में आयोजित पहले दो टेस्ट में विफल रहने के बाद, 8 सितंबर 2026 को उन्हें तीसरा और अंतिम अवसर दिया गया था, जिसमें वे दोबारा निर्धारित मानक हासिल करने में असफल रहे.

अन्य कर्मचारियों को चेतावनी

प्रशासन ने टंकण परीक्षा (टाइपिंग टेस्ट) में अनुत्तीर्ण रहे अन्य मृतक आश्रित कर्मचारियों को सुधार के लिए दो महीने का समय दिया है. राहुल कुमार और लक्ष्मी सक्सेना को तीसरा तथा कंचित चौधरी व नेहा जोशी को दूसरा मौका मिला है. तय समय सीमा के भीतर कंप्यूटर टाइपिंग न सीखने पर उनके खिलाफ भी नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.


गबन के आरोपी की सेवा समाप्त

एक अन्य कार्रवाई में फरीदपुर में पदस्थ रहे कर्मचारी अंशुल वर्मा को सरकारी धन के गबन के आरोप में सेवा से पूरी तरह बर्खास्त कर दिया गया है. अंशुल पर अमीन का पैसा अपने व्यक्तिगत खाते में डालने का आरोप सिद्ध हुआ था. एडीएम सिटी की जांच समिति द्वारा सभी आरोप सही पाए जाने के बाद बर्खास्तगी का आदेश पुनः प्रभावी कर दिया गया.

प्रशासनिक हलके में हड़कंप

इस कड़े कदम के बाद कलेक्ट्रेट परिसर और जिला प्रशासन के अन्य विभागों में हड़कंप का माहौल है. काम में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ उठाये गए इस सख्त कदम की जिले भर में चर्चा हो रही है.