बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन समिति की 14वीं बैठक, कई अहम फैसले लिए गए

धर्मनगरी वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर के बेहतर प्रबंधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी की 14वीं बैठक कमेटी के अध्यक्ष रिटायर्ड न्यायाधीश अशोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई.

India Daily
Shilpa Srivastava

वृंदावन: धर्मनगरी वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर के बेहतर प्रबंधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी की 14वीं बैठक कमेटी के अध्यक्ष रिटायर्ड न्यायाधीश अशोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई. बैठक में कुल 25 बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और अब तक हुई प्रगति की समीक्षा भी की गई.

फूल बंगला शुल्क में राहत का फैसला:

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय मंदिर में बनने वाले फूल बंगला के शुल्क को कम करना रहा. पूर्व में 13वीं बैठक में इस शुल्क को दस गुना बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपए कर दिया गया था, जिसे अब घटाकर एक लाख रुपए कर दिया गया है. इसके साथ ही श्रद्धालुओं को एक नई सुविधा देते हुए निर्णय लिया गया कि फूल बंगला कराने वाले भक्त अपने परिवार और गोस्वामी के साथ मंदिर खुलने से एक घंटे पहले सिंहासन का पूजन-अर्चन कर सकेंगे. कमेटी अध्यक्ष ने स्वीकार किया कि उन्हें इस परंपरा की पहले जानकारी नहीं थी.

भीड़ नियंत्रण के लिए स्थायी रेलिंग लगाने का निर्णय:

मंदिर में बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विद्यापीठ चौराहे से मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार तक स्थायी रेलिंग लगाने का निर्णय लिया गया. कमेटी अध्यक्ष ने बताया कि जिस कंपनी ने मंदिर परिसर में पहले रेलिंग लगाई थी, उसी को यह कार्य सौंपा जाएगा और जल्द ही इस योजना को अमल में लाया जाएगा. हालांकि स्थानीय निवासियों की संभावित परेशानियों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया.

अतिक्रमण और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा:

बैठक में मंदिर के चबूतरे पर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की समीक्षा की गई. साथ ही मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों को और अधिक उन्नत बनाने पर भी चर्चा हुई. प्रस्ताव रखा गया कि सभी कैमरों को HD और AI तकनीक से लैस किया जाए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हो सके और भीड़ प्रबंधन में मदद मिले.

मिलावटी पेड़ा बेचने वालों पर सख्ती के निर्देश:

मंदिर के आसपास बिकने वाले पेड़ा की गुणवत्ता को लेकर भी बैठक में गंभीर चिंता जताई गई. सहायक खाद्य आयुक्त के साथ विचार-विमर्श करते हुए कमेटी ने मिलावटी मावा से बने पेड़ा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए. अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि राजस्थान सीमा से लाए जाने वाले मावा में मिलावट की शिकायतें मिली हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है.

ई-रिक्शा व्यवस्था सुधारने पर जोर:

वृंदावन में अनियंत्रित ई-रिक्शा संचालन से लगने वाले जाम और दुर्घटनाओं पर भी बैठक में चर्चा हुई. कमेटी ने सुझाव दिया कि ई-रिक्शा के लिए निश्चित रूट तय किए जाएं और उनकी संख्या सीमित की जाए. साथ ही ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को राहत मिल सके.

समग्र व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर फोकस:

बैठक में रखे गए सभी 25 बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा कर मंदिर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया गया. कमेटी ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्थापन को प्राथमिकता देते हुए आगे भी लगातार सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे.