'कलेक्टर-फलेक्टर तनखैया हैं...' बयान पर आजम खान को बड़ा झटका; 2 साल की सजा बरकरार

सपा नेता आजम खान को हेट स्पीच मामले में बड़ी राहत नहीं मिली. जिला कोर्ट ने दो साल की सजा बरकरार रखी. हालांकि, चार प्रशासनिक अधिकारियों पर की गई टिप्पणी से जुड़े अलग मामले में उन्हें बरी कर दिया गया.

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Kanhaiya Kumar Jha

लखनऊ: रामपुर की जिला अदालत ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को हेट स्पीच मामले में बड़ा झटका दिया है. अदालत ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई दो साल की सजा को बरकरार रखा है. यह मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए उनके एक विवादित बयान से जुड़ा है. वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों पर टिप्पणी वाले दूसरे मामले में अदालत ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें दोषमुक्त कर दिया.

आजम खान ने एमपी-एमएलए कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील दायर की थी. अदालत ने अपील पर सुनवाई के बाद निचली अदालत के निर्णय में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया. इससे हेट स्पीच मामले में उन्हें मिली दो वर्ष की सजा यथावत बनी रहेगी.

2019 के चुनावी भाषण से जुड़ा मामला

यह मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान रामपुर में दिए गए एक भाषण से जुड़ा है. उस समय आजम खान समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी गठबंधन के प्रत्याशी थे. चुनावी सभा में उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी, जिसके बाद उनके खिलाफ हेट स्पीच का मामला दर्ज कराया गया था.


दूसरे मामले में मिली राहत

चार प्रशासनिक अधिकारियों पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में जिला अदालत ने आजम खान को राहत दी है. इस प्रकरण में ट्रायल कोर्ट ने दिसंबर 2025 में उन्हें बरी किया था. फैसले के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई के बाद जिला अदालत ने भी उसी निर्णय को बरकरार रखा और उन्हें दोषमुक्त माना.

कैसे दर्ज हुआ था मामला?

चुनाव के दौरान दिए गए भाषण के बाद तत्कालीन जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई शुरू हुई थी. तत्कालीन जिलाधिकारी के निर्देश पर संबंधित अधिकारी ने भोट थाने में हेट स्पीच का मुकदमा दर्ज कराया था. वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों पर टिप्पणी वाले मामले में अलग से शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिस पर लंबे समय तक न्यायिक प्रक्रिया चली.

पहले से जेल में हैं आजम खान

आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला खान फिलहाल रामपुर जेल में बंद हैं. फर्जी पैन कार्ड से जुड़े मामले में दोनों को सात-सात साल की सजा सुनाई जा चुकी है. बाद में एमपी-एमएलए कोर्ट ने आजम खान की सजा में तीन वर्ष और जोड़ दिए थे. अब हेट स्पीच मामले में जिला अदालत का फैसला भी उनके लिए राहत नहीं ला सका.