शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है. सोमवार को मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ठाकरे ने कहा कि वे स्वयं भी आंदोलन स्थल पर जाएंगे और देश के युवाओं के भविष्य पर भरोसा रखने वाले सभी लोगों को इस प्रदर्शन में शामिल होना चाहिए. उनके बयान के बाद छात्र आंदोलन को लेकर विपक्षी राजनीति और तेज होती दिखाई दे रही है.
उद्धव ठाकरे ने कहा, 'मैं भी जाऊंगा, राहुल गांधी जी को भी जाना चाहिए. देश के युवाओं पर विश्वास रखने वाले सभी लोगों को वहां पहुंचना चाहिए. पूरे देश के लोगों को सड़कों पर उतरकर इस आंदोलन का समर्थन करना चाहिए.' जानकारी के मुताबिक, ठाकरे 20 जुलाई को दिल्ली जाकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात करेंगे. उनका यह दौरा विपक्षी एकजुटता के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है.
Listen carefully
— GenZ of India (@GenZ_of_India_) July 13, 2026
Shiv Sena (Uddhav Balasaheb Thackeray) extends its support to the movement led by Sonam Wangchuk Ji and Abhijeet Dipke Ji.
Every democratic and peaceful voice deserves to be heard.
The government should engage in dialogue and address the concerns being… pic.twitter.com/yJwq26OY8E
कॉकरोच जनता पार्टी ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन के साथ 20 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है. बोस्टन से लौटे अभिजीत दिपके के नेतृत्व वाले इस संगठन ने नीट-यूजी पेपर लीक समेत विभिन्न परीक्षा अनियमितताओं को मुद्दा बनाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है. आंदोलन का मुख्य फोकस शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है.
आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, माकपा और अन्य विपक्षी दलों के कई नेता जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन का समर्थन कर चुके हैं. संजय सिंह, आतिशी, महुआ मोइत्रा, कीर्ति आजाद, एम.ए. बेबी, बृंदा करात और के.के. शैलजा जैसे नेताओं ने प्रदर्शन के प्रति एकजुटता दिखाई है. हालांकि कांग्रेस ने अभी तक औपचारिक रूप से आंदोलन का समर्थन घोषित नहीं किया है. अमरावती के सांसद बलवंत वानखेड़े के अलावा पार्टी के शीर्ष नेताओं, जिनमें राहुल गांधी भी शामिल हैं, ने अब तक दूरी बनाए रखी है.
इधर राहुल गांधी ने 'छात्रों की गूंज' अभियान शुरू किया है, जिसके जरिए वे शिक्षा व्यवस्था की खामियों, पेपर लीक और छात्रों की समस्याओं को राष्ट्रीय मुद्दा बना रहे हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था ने पेपर लीक माफिया को जन्म दिया है, जिसने लाखों छात्रों की वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया. राहुल ने शिक्षा में व्यापक सुधार की जरूरत बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी दोहराई है. इस बीच भाजपा कांग्रेस पर कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को समर्थन और वित्तीय मदद देने के आरोप भी लगा रही है, जिससे यह मुद्दा अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है.
भ्रष्ट, अन्यायी, पक्षपाती, बेईमान - ये चार शब्द मेरे नहीं, ये देश के छात्र आज भारत की शिक्षा व्यवस्था के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 13, 2026
और सच यही है - भारत की शिक्षा व्यवस्था अब एक बेईमान वसूली तंत्र बन चुकी है।
जो व्यवस्था बच्चों के भविष्य को तैयार करने के लिए बनी थी, वो आज उन्हें… pic.twitter.com/soeI7NNAEa