बागपत के अखिल श्योराण को अर्जुन अवार्ड, पिता की एक बात ने बदल दी जिंदगी
बागपत के निशानेबाज अखिल श्योराण को इस साल अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया है. किसान परिवार से आने वाले अखिल ने मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई और अब तक 32 पदक जीत चुके हैं.
अंगदपुर जौहड़ी गांव के अखिल श्योराण के लिए अर्जुन अवार्ड सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत का परिणाम है. स्कूल के दिनों में शुरू हुआ निशानेबाजी का सफर उन्हें विश्व मंच तक ले गया. एशियन गेम्स में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीतने वाले अखिल अब देश के चर्चित निशानेबाजों में शामिल हैं.
पिता की बात बनी प्रेरणा
अखिल ने वर्ष 2007 में मेरठ के गाडविन पब्लिक स्कूल में पढ़ाई के दौरान खेल की शुरुआत की थी. पहले उन्होंने वुशु आजमाया, लेकिन मन नहीं लगा तो अगले साल 10 मीटर एयर राइफल को अपना लिया. उनके पिता रविंद्र सिंह उन्हें हमेशा पढ़ाई के साथ खेल में भी बड़ा लक्ष्य रखने के लिए प्रेरित करते थे. पिता की यही बात अखिल के मन में बैठ गई. वर्ष 2010 में उन्होंने पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीता और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा. चीन में हुई एशियन एयरगन शूटिंग चैंपियनशिप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो पदक जीतकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया.
विश्व रिकॉर्ड के साथ जीता सोना
अखिल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में एशियन गेम्स में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतना शामिल है. वर्ष 2023 में आयोजित 19वें एशियन गेम्स में उन्होंने एयर राइफल स्पर्धा में यह उपलब्धि हासिल की. उसी साल विश्व चैंपियनशिप में भी उन्होंने एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक अपने नाम किया. वह 50 मीटर थ्री पोजीशन में विश्व चैंपियनशिप का व्यक्तिगत पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने. अखिल अब तक 39 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और करीब 32 अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुके हैं. उन्हें पेरिस ओलंपिक के लिए कोटा भी मिला था, हालांकि वह प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सके.
Also Read
- यूपी में भी बिहार का फॉर्मूला दोहराएंगे विनोद तावड़े! BJP की 'हैट्रिक जीत' के लिए तैयार हुआ बड़ा सियासी प्लान
- सड़क नाले से लेकर निगम की जमीन तक, बरेली में कब्जा करने वालों की खैर नहीं! नोटिस के बाद अब इन जगहों पर चलेगा बुलडोजर
- बलिया बलिदान दिवस पर सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि, कहा- वीरों का त्याग प्रेरणा देता है
डीएसपी से अर्जुन अवार्ड तक का सफर
अखिल की उपलब्धियों को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2024 में उन्हें पुलिस उपाधीक्षक बनाया और लक्ष्मण पुरस्कार से सम्मानित किया. अब अर्जुन पुरस्कार के लिए उनका चयन उनके परिवार और पूरे बागपत के लिए गर्व का विषय है. जिले के कई पहलवानों और निशानेबाजों को पहले भी अर्जुन अवार्ड मिल चुका है.
अखिल के चयन के बाद यह संख्या छह हो जाएगी. पुरस्कार के साथ खिलाड़ियों को 15 लाख रुपये, कांस्य प्रतिमा और प्रमाण पत्र मिलता है. इसके अलावा 20 हजार रुपये मासिक छात्रवृत्ति और रेलवे यात्रा जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं. अखिल की उपलब्धि पर पिता रविंद्र सिंह, मां ममता देवी और पत्नी श्रीयंका समेत ग्रामीणों ने खुशी जताई है.