लखनऊ हादसे के बाद गाजियाबाद में सख्ती, 56 संस्थानों पर कार्रवाई से मचा हड़कंप
लखनऊ अग्निकांड के बाद गाजियाबाद में बड़े स्तर पर फायर सेफ्टी जांच अभियान चलाया गया. 206 भवनों की जांच में गंभीर खामियां मिलीं, जिसके बाद 56 संस्थानों के खिलाफ सीलिंग और अन्य कार्रवाई शुरू की गई.
लखनऊ में आग लगने की दर्दनाक घटना के बाद गाजियाबाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. छात्रों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और दमकल विभाग ने संयुक्त अभियान चलाया. इस दौरान कोचिंग सेंटरों, होटलों, रेस्टोरेंटों, हाउसिंग सोसायटियों और अन्य बहुमंजिला भवनों की जांच की गई. शुरुआती निरीक्षण में कई स्थानों पर फायर सुरक्षा नियमों की अनदेखी सामने आई, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी. इस अभियान से शहर में सुरक्षा मानकों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है.
जांच में सामने आईं गंभीर लापरवाहियां
निरीक्षण के दौरान कई कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक भवनों में फायर सुरक्षा उपकरण अनुपयोगी हालत में मिले. कई स्थानों पर अग्निशमन यंत्रों पर धूल जमी हुई थी और आपातकालीन निकास मार्ग बंद या लॉक पाए गए. कुछ भवनों में अंदर जाने और बाहर निकलने के लिए केवल एक ही रास्ता मौजूद था, जो किसी आपदा की स्थिति में बड़ा खतरा बन सकता है. बिजली के पैनल और वायरिंग की स्थिति भी कई जगह संतोषजनक नहीं मिली. अधिकारियों ने इन खामियों को गंभीर मानते हुए तत्काल सुधार के निर्देश जारी किए.
206 भवनों की जांच, 56 पर कार्रवाई शुरू
जिलाधिकारी रविंद्र मांदड़ के निर्देश पर शहर के विभिन्न इलाकों में व्यापक निरीक्षण किया गया. गौर ग्रीन, राजनगर, आरडीसी, विजयनगर, कविनगर, साहिबाबाद, लोनी और मोदीनगर समेत कई क्षेत्रों में अभियान चलाया गया. जांच के दौरान कुल 206 भवनों और प्रतिष्ठानों में फायर सुरक्षा से जुड़ी कमियां पाई गईं. इनमें से 56 मामलों में सीलिंग और अन्य प्रवर्तनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है. कई संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि कुछ स्थानों पर नियमों का पालन न करने पर बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी गई.
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छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
लखनऊ की घटना के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले कई विद्यार्थियों ने कहा कि अब वे भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर पहले से ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. कुछ प्रमुख कोचिंग केंद्रों में छात्रों की संख्या भी कम देखी गई. प्रशासन का मानना है कि सुरक्षा नियमों का पालन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा के लिए आवश्यक है. इसी कारण सभी संस्थानों को मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
आरडब्ल्यूए और संस्थानों को दिए गए विशेष निर्देश
प्रशासन ने हाउसिंग सोसायटियों की आरडब्ल्यूए और संस्थानों के संचालकों को भी सतर्क रहने को कहा है. फायर ड्राइव-वे और इमरजेंसी एग्जिट को अवरोध मुक्त रखने, नियमित मॉक ड्रिल कराने और समय-समय पर सुरक्षा उपकरणों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और सभी कोचिंग सेंटरों तथा सार्वजनिक भवनों की जांच की जाएगी. प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि भविष्य में किसी भी बड़े हादसे को रोकना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.