राजधानी लखनऊ में एक कोचिंग संस्थान में लगी भीषण आग ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है. इस हादसे में 15 युवाओं की जान जाने के बाद सरकार ने कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था और वैध संचालन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. उच्च शिक्षा विभाग ने सभी जिलों में विशेष सर्वे अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं. सरकार का उद्देश्य अवैध रूप से संचालित कोचिंग सेंटरों की पहचान करना और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करना है.
उच्च शिक्षा विभाग की विशेष सचिव निधि श्रीवास्तव ने सभी जिलाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में संचालित कोचिंग संस्थानों का विस्तृत सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं. इस अभियान के तहत यह पता लगाया जाएगा कि कौन से संस्थान निर्धारित नियमों के तहत पंजीकृत हैं और कौन बिना अनुमति के संचालित हो रहे हैं. विभाग का मानना है कि इससे शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी.
सर्वे के दौरान जिन कोचिंग संस्थानों का संचालन बिना पंजीकरण या वैध अनुमति के पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा से जुडे मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. प्रशासन को ऐसे संस्थानों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं.
सरकार ने यह भी साफ किया है कि केवल पंजीकरण होने से किसी संस्थान को छूट नहीं मिलेगी. भवन की मजबूती, अग्निशमन उपकरण, विद्युत सुरक्षा, आपातकालीन निकास, वेंटिलेशन और साफ सफाई जैसी व्यवस्थाओं की भी जांच होगी. यदि किसी संस्थान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में केवल 3152 कोचिंग संस्थान पंजीकृत हैं. हालांकि अनुमान है कि इससे कई गुना अधिक संस्थान बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं. ऐसे कई कोचिंग सेंटर छोटे कमरों में क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को बैठाकर कक्षाएं चला रहे हैं, जिससे सुरक्षा संबंधी खतरे बढ़ जाते हैं.
उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम 2002 के तहत कोचिंग संस्थानों के लिए पंजीकरण और अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है. पूर्व क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी राजीव गुप्ता का कहना है कि बदलते समय और नई चुनौतियों को देखते हुए वर्तमान कानून में आवश्यक संशोधन किए जाने चाहिए ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा और अधिक प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जा सके.