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केतन अग्रवाल मर्डर केस: मंगेतर और उसके आशिक ने मिलकर रची थी खौफनाक हत्या की साजिश

पुणे के लोहगढ़ किले पर मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या का मामला सामने आया है. सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को 400 फीट गहरी खाई में धकेल दिया, जिसे पहले ट्रेकिंग हादसा बताया गया था.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: पुणे की खूबसूरत लोहगढ़ किले की पहाड़ियां इन दिनों एक दर्दनाक हत्याकांड की गवाह बन चुकी हैं. 26 वर्षीय रियल एस्टेट कंपनी निदेशक केतन विशाल अग्रवाल की मौत को शुरुआत में पैर फिसलने का हादसा बताया गया था. लेकिन जब पुलिस ने पर्दा उठाया तो सच इतना भयावह निकला कि रोंगटे खड़े हो गए. उसकी अपनी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने ठंडे दिमाग से यह खेल खेला था.

सिया गोयल केतन से शादी नहीं करना चाहती थी. वह उसे अपने और अपने प्रेमी के बीच बाधा मानती थी. इस बाधा को हटाने के लिए उसने एक ऐसी साजिश बुनी जो किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं थी. सिया ने केतन को अपना प्यार दिखाते हुए उसे बार-बार उस किले पर बुलाया, जहां उसकी मौत पहले से तय की जा चुकी थी. यह रिश्ता प्रेम नहीं, एक चाल था.

पहली कोशिश नाकाम, तो दोबारा बुना मौत का ताना-बाना

14 जून को सिया ने पहली बार लोहगढ़ किले पर केतन को धक्का दिया था. लेकिन एक पेड़ ने उसकी जान बचा ली. सिया ने उस वक्त बहाना बनाया कि उसने सांप देखा था और केतन को बचाने की कोशिश कर रही थी. केतन इस झूठ पर भरोसा कर बैठा और अपनी मंगेतर के इस कथित प्रेम पर रीझता रहा. उसे अंदाजा नहीं था कि खतरा अभी टला नहीं था.


जन्मदिन के बहाने बुलाया, प्रेमी पहले से था घात में

18 जून को सिया ने केतन को अपने जन्मदिन के जश्न के बहाने फिर उसी किले पर बुलाया. इस बार उसका प्रेमी चेतन चौधरी पहले से मौके पर मौजूद था. बेखबर केतन मंगेतर का दिल खुश करने के लिए वहां पहुंचा. मौका मिलते ही दोनों ने मिलकर उस पर हमला किया और बेरहमी से 400 फीट गहरी खाई में फेंक दिया. केतन की मौत मौके पर ही हो गई.

डिजिटल सबूतों ने खोली साजिश की पोल

पुलिस की तकनीकी जांच ने सिया और चेतन के झूठ की एक-एक परत उधेड़ दी. पता चला कि दोनों के बीच पिछले छह महीनों में 2,004 बार बातचीत हुई थी, जो कुल 238 घंटे बनती है. हत्या वाले दिन चेतन ने अपना फोन दुकान पर छोड़कर कर्मचारी का फोन इस्तेमाल किया था ताकि उसकी लोकेशन न पकड़ी जाए. लेकिन कानून की नजर से वह बच नहीं सका और दोनों गिरफ्तार हो गए.

'मना कर देती, जान क्यों ली?'

केतन के पिता विशाल अग्रवाल का दर्द शब्दों में बयां नहीं होता. उन्होंने रोते हुए कहा कि अगर शादी नहीं करनी थी तो बस मना कर देती, हम रिश्ता तोड़ देते. जवान बेटे की जान लेने की क्या जरूरत थी. नवंबर में होने वाली शादी के लिए 17 करोड़ का महल बुक था, उदयपुर-जयपुर में तैयारियां चल रही थीं. आज उसी घर में मातम पसरा है. परिवार ने दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है.