डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी पर किया था वशीकरण! मंत्रों से हटाया, अयोध्या के आचार्च का बड़ा दावा
अयोध्या के आचार्य परमहंस ने एक विवादित बयान दिया है. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है. उन्होंने कहा कि
देश में कुछ दिनों तक यूजीसी के नए नियम को लेकर काफी बवाल देखने को मिला. हालांकि गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस नियम पर रोक दी, जिससे मामला ठंडा हो गया. हालांकि इस नियम को सवर्ण समाज के खिलाफ बताया जा रहा था और लोग दावा कर रहे थे कि इस नियम से समाज का बंटवारा हो जाएगा. इसी क्रम में अयोध्या के परमहंस आचार्य ने एक अनोखा दावा कर दिया.
परमहंस ने इस नियम का विरोध जताते हुए विवादित बयान दे दिया. उन्होंने इसे डोनाल्ंड ट्रंप से लिंक करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंत्र-मंत्र के माध्यम से वशीकरण कराया था. उनके इस दावे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
आचार्य परमहंस ने क्या कहा?
आचार्य ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमें शुरुआत में यह शक हुआ कि इतना बड़ा नियम कैसे बनाया गया. जिसके बाद ध्यान करने पर यह पता चला कि डोनाल्ड ट्रंप ने मोदी जी पर तंत्र-मंत्री करवा कर वशीकरण कर लिया. जिसके बाद यूजीसी ने यह नियम बनाए, हालांकि हमने वैदिक मंत्री की मदद से उन्हें मुक्त करवा लिया है. इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि हम जब सोच रहे थे कि ऐसा कैसे हुआ तब राजनाथ सिंह ने बताया कि मोदी जी के बढ़ते प्रभावों को देखते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसा किया. उन्होंने वशीकरण कर दिया, लेकिन फिर हम मंत्री के उच्चारण से उन्हें मुक्त करवा लिए. अब हमें उम्मीद है कि वो ऐसा कोई नियम नहीं बनाएंगे क्योंकि देश से उन्हें बहुत ज्यादा उम्मीदें हैं. उन्होंने कहा कि आगे भी कुछ ऐसा ना हो इसके लिए अयोध्या भर पूजा-पाठ चलता रहेगा.
इच्छामृत्यु क्यों मांग रहे थे आचार्य?
आचार्य ने इस कानून का विरोध जताते हुए यह भी कहा था कि इस नियम के कारण देश में गृहयुद्ध जैसी स्थिति बन सकती है. मैं बिल्कुल नहीं चाहता कि भाजपा खत्म हो जाए. आचार्य ने अपने विवादित बयानों को और हवा देते हुए कहा कि मैं यह सब देखने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं हूं और ऐसा कुछ देखने से पहले मर जाना चाहता हूं. इसलिए मैं इच्छामृत्यु की मांग करता हूं. यह देश में विरोध की लहर को तेज करेगा, अगर यह कानून पहले आता तो मेरा मानना है कि वह बिहार का चुनाव कभी नहीं जीत पातें.