यूनिवर्सिटी में खूंखार गिलहरी का आतंक, एक महीने में 20 लोगों को काटा, खौफ में छात्र और प्रोफेसर

यूनिवर्सिटी के आर्ट्स कॉलेज के साइकोलॉजी विभाग के पास इस नन्ही सी गिलहरी ने ऐसा खौफ पैदा कर दिया है कि लोग वहां से गुजरने से भी कतरा रहे हैं.

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Sagar Bhardwaj

आपने सांप, बिच्छू या कुत्ते द्वारा इंसानों को काटने की खबरें खूब सुनी होंगी लेकिन किसी गिलहरी द्वारा इंसानों को काटने का मामला आपने शायद ही पहले कभी सुना हो. उदयपुर की मोहनलाल सुखाड़िया युनिवर्सिटी  (MLSU) से एक गुस्सैल गिलहरी द्वारा करीब 20 लोगों को काटने का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यूनिवर्सिटी के आर्ट्स कॉलेज के साइकोलॉजी विभाग के पास इस नन्ही सी गिलहरी ने ऐसा खौफ पैदा कर दिया है कि लोग वहां से गुजरने से भी कतरा रहे हैं.

20 लोगों को बनाया अपना शिकार

बेहद मासूम और सीधी समझी जाने वाली इस गिलहरी ने पिछले डेढ़ महीने में अब तक 20 लोगों को अपना शिकार बनाया है.  छात्र तो छात्र कॉलेज के डीन भी इस गिलहरी का शिकार हो गए हैं.

बिना किसी उकसावे के करती है हमला

यूनिवर्सिटी के स्टाफ का कहना है कि यह गिलहरी बिना किसी उकसावे के हमला करती है, जैसे ही कोई इसके पास से गुजरता है यह बिजली की फुर्ती से उस पर हमला कर देती है और उसे काटकर वापस टहनियों में छिप जाती है.

वन विभाग को भी चकमा दे रही गिलहरी

गिलहरी को पकड़वाने के लिए वन विभाग और रेस्क्यू टीम को दो बार बुलाया गया, पिंजरे भी लगाए गए लेकिन इस गिलहारी ने हर बार उन्हें चकमा दे दिया. आलम ये है कि लोग कैंपस में अपने साथ छड़ी लेकर चलने को मजबूर हैं.

सीधी सादी गिलहारी क्यों बनी खूंखार

जानकारों की मानें तो यह मामला अपनी टेरिटरी यानी इलाके की हिफाजत का हो सकता है. हो सकता है कि गिलहरी का वहीं कहीं आसपास घोंसला हो और वह अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो और इसलिए ऐसा करने पर मजबूर हो. पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. शैलेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि गिलहरी के काटने से रेबीज का खतरा नहीं होता हालांकि एहतियात के तौर पर टिटनेस का टीका लगवाना अनिवार्य है.