राजस्थान में मानसून ने बढ़ाई मुश्किलें, बारिश से डीग में ढहा दो मंजिला मकान; कई जिलों में अलर्ट जारी

राजस्थान में मानसून सक्रिय है और कई जिलों में भारी से अतिभारी बारिश हो रही है. डीग में लगातार बारिश के कारण दो मंजिला मकान ढह गया.

Chatgpt
Km Jaya

डीग: राजस्थान में दक्षिण पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है. पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई जिलों में भारी से अतिभारी बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों के लिए नया अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि 7 से 10 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियों में और तेजी आएगी. 

इस दौरान कई स्थानों पर भारी से अतिभारी बारिश होने की संभावना है. लगातार हो रही वर्षा के कारण कई इलाकों में जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने लगा है.

मौसम विभाग ने क्या बताया?

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश के दक्षिण पश्चिमी भाग और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर बना ऊपरी परिसंचरण तंत्र तथा सक्रिय मानसून ट्रफ लाइन राजस्थान में लगातार नमी पहुंचा रहे हैं. इसी कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का सिलसिला जारी है. विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम की यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है.


आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?

7 से 10 अगस्त के दौरान भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. वहीं 7 से 9 अगस्त के बीच कोटा और उदयपुर संभाग में एक दो स्थानों पर अतिभारी बारिश भी हो सकती है. पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में भी मध्यम से तेज बारिश के आसार हैं.

लगातार हो रही बारिश के बीच डीग जिले के कामां क्षेत्र के घिलावटी गांव में बड़ा हादसा होते होते टल गया. यहां मूसलाधार बारिश के कारण एक दो मंजिला मकान अचानक भरभराकर गिर गया. घटना के बाद इलाके में अफरा तफरी मच गई. राहत की बात यह रही कि समय रहते लोग बाहर निकल गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई. प्रशासन ने क्षेत्र का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया.

कैसी है वहां की स्थिति?

डीग शहर के ब्रजनगर स्थित मंदिर वाली गली में जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है. सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गई हैं और कई घरों में गंदा पानी घुस गया है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि मानसून से पहले नालों की सफाई नहीं कराई गई और जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं की गई. लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यह इलाका जलभराव की समस्या से जूझता है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया.

मौसम विभाग ने लोगों से भारी बारिश के दौरान सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की अपील की है. विभाग का अनुमान है कि 15 अगस्त के बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है.