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'सॉरी... मैं बहुत दूर जा रहा हूं', परीक्षा के दबाव में आकर NEET की तैयारी कर रहे छात्र ने फांसी लगाकर दे दी जान

राजस्थान के सीकर में नीट की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय छात्र उमेश माली ने परीक्षा के तीसरे प्रयास से छह दिन पहले आत्महत्या कर ली. चलिए जानते हैं सुसाइड नोट उसने क्या लिखा.

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Km Jaya

सीकर: राजस्थान के सीकर में एक बार फिर छात्र आत्महत्या की घटना ने सभी को झकझोर दिया है. नीट परीक्षा की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय छात्र उमेश माली ने अपने फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. दुखद बात यह है कि आगामी 21 जून को उसका नीट का तीसरा प्रयास होने वाला था, लेकिन परीक्षा से महज छह दिन पहले उसने यह कदम उठा लिया.

जानकारी के अनुसार उमेश माली मूल रूप से नवलगढ़ का रहने वाला था. उसके पिता लक्ष्मणराम मुंबई में टाइल्स ठेकेदारी का काम करते हैं. बच्चों की पढ़ाई के लिए परिवार ने सीकर में एक निजी रेजिडेंसी में फ्लैट लिया हुआ था. उमेश अपनी मां, बड़ी बहन और छोटे भाई के साथ वहीं रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था.

पुलिस ने क्या बताया?

पुलिस के मुताबिक सोमवार सुबह उमेश अपनी मां को गांव छोड़कर वापस सीकर लौटा था. उस समय परिवार के किसी सदस्य को इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह मुलाकात आखिरी साबित होगी. दोपहर के समय वह फ्लैट में अकेला था. इसी दौरान उसने चुन्नी की मदद से पंखे पर फंदा लगाया और आत्महत्या कर ली.


दोपहर बाद जब उसकी बड़ी बहन और छोटा भाई फ्लैट पर पहुंचे तो उन्होंने उमेश को पंखे से लटका हुआ देखा. यह दृश्य देखकर दोनों सदमे में आ गए और शोर मचाया. आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. उद्योग नगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतारा और जांच शुरू की.

सुसाइड नोट में क्या लिखा?

पुलिस की तलाशी के दौरान कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला. नोट में उमेश ने लिखा, 'मैं बहुत दूर जा रहा हूं, पता नहीं कहां जा रहा हूं. सॉरी.' हालांकि उसने अपने इस कदम के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया. पुलिस सुसाइड नोट और अन्य परिस्थितियों के आधार पर मामले की जांच कर रही है.

प्रारंभिक जांच में क्या आया सामने?

प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि नीट परीक्षा के तीसरे प्रयास को लेकर उमेश मानसिक दबाव में था. लगातार दो प्रयासों में सफलता नहीं मिलने के बाद आगामी परीक्षा को लेकर उस पर काफी तनाव था. हालांकि आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा.