कोटा: कोटा के रानपुर थाना क्षेत्र के पूनिया देवरिया स्थित सरकारी स्कूल में सोमवार को मिड-डे मील खाने के करीब दो घंटे बाद 27 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई. बच्चों ने उल्टी, दस्त, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत की. इनमें से 14 बच्चों को उपचार के लिए न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया. फिलहाल बच्चों की हालत में सुधार बताया जा रहा है.
स्कूल इंचार्ज चंद्र प्रकाश मीणा के अनुसार, सोमवार को स्कूल में करीब 110 बच्चे मौजूद थे. सुबह करीब 10 बजे बच्चों को मिड-डे मील परोसा गया. खाना खाने के लगभग दो घंटे बाद कुछ बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी. देखते ही देखते करीब 27 बच्चों ने अलग-अलग स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें कीं.
तबीयत बिगड़ने के बाद 14 बच्चों को न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया. बताया गया कि इनमें से अधिकांश बच्चों की हालत में सुधार है और फिलहाल करीब 4 से 5 बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं. शिक्षा विभाग के अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली.
देर शाम शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने भी अस्पताल पहुंचकर भर्ती बच्चों से मुलाकात की. उन्होंने डॉक्टरों से बच्चों के उपचार और स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में जानकारी ली.
बच्चों ने दावा किया कि कद्दू की सब्जी खाने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी. सातवीं कक्षा के छात्र अर्जुन भील ने बताया कि सब्जी खाने के करीब दो घंटे बाद उसे पेट दर्द और उल्टी होने लगी. चौथी कक्षा के छात्र राहुल ने चक्कर आने और गिरने की बात बताई. पांचवीं कक्षा की छात्रा प्रिया ने भी सब्जी खाने के बाद उल्टी होने की जानकारी दी.
हालांकि अधिकारियों ने अभी यह पुष्टि नहीं की है कि बच्चों की तबीयत मिड-डे मील खाने से ही बिगड़ी. मेडिकल जांच और रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा.
स्कूल इंचार्ज के अनुसार, क्षेत्र के 9 स्कूलों में एक ही स्थान से मिड-डे मील पहुंचाया जाता है. सोमवार को खाना केवलनगर स्थित अन्नपूर्णा रसोई से आया था. अधिकारियों के अनुसार अन्य स्कूलों में बच्चों के बीमार होने की सूचना नहीं मिली है. मामले की जांच के लिए मेडिकल टीम भी भेजी गई है.
घटना पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने चिंता जताते हुए जिला प्रशासन और अधिकारियों से जानकारी ली. उन्होंने बच्चों के समुचित उपचार और स्वास्थ्य की लगातार निगरानी के निर्देश दिए. साथ ही भोजन, पानी और अन्य संभावित कारणों के नमूने लेकर निष्पक्ष जांच कराने को कहा. उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पानी की शुद्धता की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए.