जयपुर में CJP का स्कूल निरीक्षण, सरकार को 7 दिन में व्यवस्था सुधारने की दी चेतावनी

जयपुर के शास्त्री नगर-बट्‌टा बस्ती इलाके में दो सरकारी प्राथमिक स्कूलों के निरीक्षण के बाद CJP ने बुनियादी सुविधाओं की कमी का आरोप लगाया है. संगठन ने प्रशासन को सात दिन में सुधार की चेतावनी दी है.

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Kanhaiya Kumar Jha

जयपुर: राजस्थान में सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं. रविवार को Cockroach Janata Party यानी CJP ने जयपुर के शास्त्री नगर-बट्‌टा बस्ती इलाके में दो सरकारी प्राथमिक स्कूलों का निरीक्षण किया. संगठन का दावा है कि दोनों जगह बच्चों को जरूरी शैक्षणिक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. एक स्कूल का तैयार भवन वर्षों से बंद पड़ा है, जबकि दूसरा अस्थायी ढांचे में चल रहा है. CJP ने प्रशासन को सात दिन का समय देते हुए सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है.

CJP के मुताबिक इलाके के एक सरकारी प्राथमिक स्कूल का भवन बनकर तैयार है, लेकिन कई वर्षों से उसका इस्तेमाल नहीं हो रहा. इसके कारण आसपास रहने वाले बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर स्थित दूसरे स्कूलों का रुख करना पड़ता है. संगठन ने प्रशासन से बंद पड़े भवन को तत्काल खोलने की मांग की है. उसका कहना है कि स्कूल का भवन तैयार होने के बावजूद बच्चों को उसका लाभ नहीं मिलना शिक्षा व्यवस्था की गंभीर समस्या को दिखाता है.

दूसरे स्कूल में अस्थायी ढांचे का आरोप

संगठन ने दूसरे सरकारी प्राथमिक स्कूल की स्थिति पर भी चिंता जताई. CJP का दावा है कि यह स्कूल किसी पक्के भवन के बजाय पिंजरे जैसे अस्थायी ढांचे में संचालित हो रहा है. संगठन के अनुसार वहां बच्चों के लिए पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं. CJP ने कहा कि बच्चों से ऐसी स्थिति में पढ़ाई की उम्मीद नहीं की जा सकती. उसने स्कूल के लिए सुरक्षित और पर्याप्त भवन उपलब्ध कराने की मांग की है.


सात दिन में सुधार नहीं तो आंदोलन

CJP ने दोनों स्कूलों की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रशासन को सात दिन की समयसीमा दी है. संगठन ने कहा कि इस दौरान बंद स्कूल भवन को दोबारा शुरू किया जाए और दूसरे स्कूल में सुरक्षित भवन के साथ जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. चेतावनी दी गई है कि तय समय में समाधान नहीं हुआ तो स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर सार्वजनिक आंदोलन शुरू किया जाएगा. संगठन ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है.

बगरू में विवाद के बाद निरीक्षण

यह निरीक्षण ऐसे समय हुआ है जब बगरू के एक सरकारी स्कूल में जाने के दौरान CJP सदस्यों पर कथित हमले का विवाद सामने आया था. इसके बाद संगठन ने सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर अपना अभियान तेज किया. इस मामले की पृष्ठभूमि में राजस्थान सरकार का वह निर्देश भी चर्चा में है, जिसमें सरकारी स्कूलों में अनधिकृत प्रवेश को लेकर प्रतिबंधों की बात कही गई है. निर्देश में बच्चों की सुरक्षा और निजता से जुड़े कानूनी प्रावधानों का भी उल्लेख किया गया है.

POCSO कानून का भी किया गया उल्लेख

सरकारी निर्देश में अनधिकृत प्रवेश से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई की संभावना बताई गई है. इसमें बच्चों की सुरक्षा और निजता से संबंधित Protection of Children from Sexual Offences यानी POCSO Act जैसे प्रावधानों का उल्लेख भी किया गया है. ऐसे में स्कूल परिसर में बाहरी लोगों की मौजूदगी को लेकर प्रशासन सतर्कता बरत रहा है. दूसरी ओर CJP का कहना है कि सरकारी स्कूलों की बुनियादी कमियों को दूर करना भी उतना ही जरूरी है. अब निगाह प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है.