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होटल का ₹10,900 का बिल चुकाए बिना भागे पर्यटक, पुलिस ने पीछा कर पकड़ा, वीडियो में देखें कारस्तानी

राजस्थान के सिरोही जिले के अबू रोड में गुजरात से आए तीन पर्यटकों ने होटल का ₹10,900 का बिल चुकाए बिना भागने की कोशिश की. होटल मालिक की सूझबूझ और पुलिस की फुर्ती से उन्हें कुछ ही देर में पकड़ लिया गया.

@ManmohanSeju
Kuldeep Sharma

सिरोही: राजस्थान के पर्यटन स्थल माउंट आबू के पास एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है, जहां गुजरात के तीन पर्यटकों ने होटल में ठहरने, खाने-पीने और मौज-मस्ती का आनंद लेने के बाद ₹10,900 का बिल दिए बिना भागने की कोशिश की. 

होटल मालिक की सतर्कता से पुलिस को तुरंत सूचना दी गई और कुछ ही मिनटों में कार को रोककर पर्यटकों को पकड़ लिया गया. अब यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है.

होटल बिल चुकाए बिना भागने की कोशिश

यह घटना सिरोही जिले के अबू रोड स्थित हॉलिडे होटल की है. जानकारी के अनुसार, दो युवक और एक युवती गुजरात से छुट्टियां मनाने आए थे. होटल में दो दिन ठहरने और रूम सर्विस का लाभ लेने के बाद जब भुगतान की बारी आई, तो वे अचानक पैकिंग करने लगे और बिना बिल चुकाए अपनी सुजुकी बलेनो कार में बैठकर रवाना हो गए.

होटल मालिक की सूझबूझ और पुलिस की फुर्ती

होटल मालिक को उनके व्यवहार पर शक हुआ और उसने तुरंत पुलिस को फोन किया. अबू रोड पुलिस ने चौकसी दिखाते हुए तुरंत पीछा किया और कुछ ही दूरी पर अंबाजी रोड के पास कार को रोक लिया. पुलिस के सामने जब पर्यटकों से भुगतान का सवाल किया गया, तो उन्होंने पहले कहा कि उनके पास पैसे नहीं हैं.

यहां देखें वीडियो

पुलिस की मौजूदगी में ऑनलाइन किया भुगतान

पुलिस के दबाव और होटल मालिक के सामने शर्मिंदगी के कारण पर्यटकों ने आखिरकार ₹10,900 की पूरी रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी. इस पूरी प्रक्रिया के दौरान होटल को किसी तरह का आर्थिक नुकसान नहीं हुआ. पुलिस ने पर्यटकों को समझाइश देकर मामला मौके पर ही सुलझा दिया और किसी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया.

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस और होटल मालिक पर्यटकों से पूछताछ कर रहे हैं कि उन्होंने भुगतान क्यों नहीं किया. कई यूजर्स ने मजाक उड़ाते हुए लिखा- 'लक्जरी कार में घूमने वाले पैसे नहीं दे पाए!' वहीं, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि किसी एक घटना से पूरे राज्य या समुदाय को जज करना गलत है.

ऑनलाइन रिएक्शन ने छेड़ी बहस

इस मामूली-सी घटना ने ऑनलाइन एक बड़ी बहस छेड़ दी है. कई लोगों ने ईमानदारी और जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं, तो कुछ ने सोशल मीडिया पर चलने वाली नकारात्मक धाराओं की आलोचना की है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को वायरल सनसनी की बजाय सुधार के मौके के रूप में देखा जाना चाहिए.