अमरनाथ से लौट रहे सलूंबर के श्रद्धालुओं की बस बनी आग का गोला, जानें कैसे बची 47 लोगों की जान
अमरनाथ यात्रा से लौट रहे राजस्थान के सलूंबर जिले के 47 श्रद्धालुओं की बस रामबन में आग की चपेट में आ गई. सभी यात्री सुरक्षित बच गए, लेकिन बस पूरी तरह जल गई और यात्रियों का सामान भी आग में नष्ट हो गया.
सलूंबर: राजस्थान के सलूंबर जिले के तीर्थयात्री जो अमरनाथ यात्रा से लौट रहे थे, उनकी बस में जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में आग लग गई. इस घटना में बस तो पूरी तरह जल गई, लेकिन सभी 47 तीर्थयात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, हालांकि आग में यात्रियों का सामान, नकदी और मोबाइल फोन जलकर खाक हो गए.
रिपोर्ट्स के मुताबिक सलूंबर जिले के सराडा ब्लॉक के धाकड़ा गांव के 47 तीर्थयात्री 9 जुलाई को दो बसों में अमरनाथ यात्रा के लिए निकले थे. गुरुवार शाम को, जब वे 'बाबा बर्फानी' (भगवान अमरनाथ) के दर्शन करके लौट रहे थे, तो रामबन जिले के करोल इलाके में एक बस का टायर अचानक फट गया.
शुरुआती रिपोर्ट में क्या पता चला?
शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि टायर फटने के बाद बस के फ्यूल टैंक में आग लग गई. कुछ ही पलों में आग की लपटों ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया. पीछे आ रही दूसरी बस के तीर्थयात्रियों और अन्य वाहन चालकों ने तुरंत ड्राइवर को आग के बारे में सचेत किया.
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तीर्थयात्री ने क्या कहा?
तीर्थयात्रियों में से एक देवीलाल डांगी ने बताया कि जैसे ही आग का पता चला, सभी यात्रियों को तुरंत बस से बाहर निकाल लिया गया. कुछ ही मिनटों में गाड़ी आग की लपटों में घिर गई और जलकर राख हो गई. यात्रियों की सतर्कता और समय पर बाहर निकलने की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया.
क्या कार्रवाई की गई?
घटना की खबर मिलते ही CRPF और फायर डिपार्टमेंट की टीमें मौके पर पहुंच गईं. CRPF की 84वीं बटालियन के कमांडेंट विजय सिंह खटाना ने बताया कि जवानों ने सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और फायर टेंडरों की मदद से आग पर काबू पाया. इसके बाद इलाके में सुरक्षा सुनिश्चित की गई.
घटना के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने तीर्थयात्रियों को तुरंत राहत पहुंचाई. उनके रहने और खाने-पीने का इंतजाम किया गया ताकि उन्हें कोई परेशानी न हो. प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए जरूरी कदम भी उठाए हैं.
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने क्या निर्देश दिए?
घटना पर चिंता जताते हुए, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे तीर्थयात्रियों को हर संभव मदद दें और राजस्थान उनकी सुरक्षित वापसी के लिए उचित इंतजाम सुनिश्चित करें.