अजमेर में 447 हिस्ट्रीशीटर पुलिस के रडार पर, संवेदनशील इलाकों में बढ़ी सख्ती; जानें क्या है पूरा मामला?
अजमेर में 447 हिस्ट्रीशीटरों को पुलिस ने रडार पर रखा है और उनकी गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई है. संवेदनशील इलाकों में गश्त और सत्यापन के जरिए अपराध नियंत्रण की कोशिश की जा रही है.
अजमेर: अजमेर जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस ने 447 हिस्ट्री-शीटरों को अपनी नजर में रखा है. जिले में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए इन अपराधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. पुलिस ने यह रणनीति अपराधियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने और नागरिकों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अपनाई है.
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रामगंज और अलवर गेट क्षेत्रों को जिले के सबसे संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है. अन्य क्षेत्रों की तुलना में इन क्षेत्रों में हिस्ट्री-शीटरों की संख्या सबसे अधिक है.
कितने हिस्ट्री-शीटरों की है सूची?
रामगंज पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में 46 हिस्ट्री-शीटरों की सूची है, जबकि अलवर गेट में 42, कृष्णगंज में 29 और क्लॉक टावर क्षेत्र में 28 हिस्ट्री-शीटर सक्रिय हैं. इसके अलावा इस सूची में गंज में 22, दरगाह में 17, आदर्श नगर में 16, सिविल लाइंस में 12, सदर कोतवाली में 11 और हरिभाऊ उपाध्याय नगर में 9 हिस्ट्री-शीटर शामिल हैं.
SP हिमांशु जांगिड़ ने क्या बताया?
अतिरिक्त SP हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि पहचाने गए हिस्ट्री-शीटरों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. एक बार जब किसी व्यक्ति के लिए 'हिस्ट्री शीट' खोल दी जाती है, तो अपराधी को सत्यापन के उद्देश्य से नियमित रूप से पुलिस स्टेशन में हाजिरी देना अनिवार्य होता है. इसके अलावा उनकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाती है ताकि उनके दोबारा आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की संभावना को कम किया जा सके.
हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि पुलिस 'एरिया डोमिनेशन', नियमित जांच, सत्यापन अभियान और गश्त जैसी रणनीतियों के माध्यम से यह सुनिश्चित कर रही है कि हिस्ट्री-शीटर दोबारा अपराध की ओर न लौटें. स्टेशन हाउस अधिकारियों यानी SHOs को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे उन व्यक्तियों के लिए हिस्ट्री शीट खोलें जो लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाए जाते हैं और उन्हें कड़ी निगरानी में रखें.
क्या है पुलिस का उद्देश्य?
पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखना ही नहीं बल्कि आम जनता के लिए एक सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना भी है. पुलिस पूरे जिले में गश्त बढ़ा रही है और ज्यादा जोखिम वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है.
पुलिस ने यह भी कहा है कि आने वाले दिनों में और भी अपराधियों के लिए 'हिस्ट्री शीट' अपराधिक पृष्ठभूमि का विवरण रखने वाले रिकॉर्ड खोली जा सकती हैं. इस पहल के तहत उन अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी जिनकी गतिविधियां संदिग्ध मानी जाती हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अजमेर में 447 हिस्ट्री-शीटरों पर निगरानी इस बात का संकेत है कि कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर संभव कदम उठाया जा रहा है.
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