Jaisalmer School Accident: झालावाड़ के बाद जैसलमेर के सरकारी स्कूल में हादसा, गेट गिरने से छात्र की मौत, टीचर घायल
जैसलमेर के पूनमनगर गांव में सरकारी स्कूल के गेट का पिलर गिरने से एक छात्र की मौत और एक शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया. पिलर तीन साल से जर्जर था लेकिन प्रशासन ने समय पर मरम्मत नहीं कराई. हादसे से गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है.
Jaisalmer School Accident: राजस्थान के जैसलमेर जिले के पूनमनगर गांव में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे गांव को मातम में डुबो दिया. सरकारी स्कूल परिसर में स्थित मुख्य गेट का पिलर अचानक तेज हवाओं के कारण गिर गया, जिससे एक मासूम छात्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया.
वहां मौजूद लोगों के मुताबिक, हादसे के समय छात्र स्कूल से बाहर निकल रहा था. तभी अचानक पिलर भरभराकर गिर पड़ा और उसके नीचे दब कर छात्र की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं एक शिक्षक भी इस हादसे की चपेट में आ गया. शिक्षक के दोनों पैर टूट गए और उसे गंभीर हालत में राजकीय जवाहर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
ग्रामीणों ने घटना को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन की लापरवाही और सिस्टम की अनदेखी के चलते यह हादसा हुआ. बताया जा रहा है कि तीन साल पहले स्कूल के गेट से एक वाहन की टक्कर हुई थी, जिससे पिलर कमजोर हो गया था. इसके बावजूद कई बार शिकायतों के बाद भी कोई मरम्मत नहीं कराई गई.
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प्रशासन और पंचायत पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने बताया कि वे लगातार स्कूल प्रशासन और पंचायत से गेट की मरम्मत की मांग कर रहे थे, लेकिन उन्हें नजरअंदाज किया गया. यदि समय रहते गेट की मरम्मत कर दी जाती, तो आज यह मासूम बच्चा जीवित होता. यह हादसा केवल एक तकनीकी विफलता नहीं, बल्कि प्रशासनिक संवेदनहीनता का नतीजा है.
गांव में शोक और गुस्से का माहौल
गांव में शोक और गुस्से का माहौल है. परिजन बच्चे के शव से लिपटकर रोते रहे. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. साथ ही यह भी मांग उठी है कि प्रदेशभर के स्कूलों में भवन और गेट की मजबूती की तत्काल जांच कराई जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. जैसलमेर जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और घटना स्थल पर अधिकारियों की टीम भेजी गई है.