राजस्थान: राजस्थान के जैसलमेर से चारधाम यात्रा पर निकले एक परिवार के साथ बड़ा हादसा हो गया. उनकी इनोवा कार देवप्रयाग में अलकनंदा नदी में गिर गई. इस दुर्घटना में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 साल के आयुष्मान को जिंदा बचाया गया. हादसे के सात दिन बाद लापता मां और दो बेटियों के शव सोमवार को बरामद कर लिए गए.
परिवार 26 मई को जैसलमेर से चारधाम यात्रा के लिए रवाना हुआ था. 2 जून को बद्रीनाथ धाम के दर्शन करके लौटते समय टिहरी जिले के देवप्रयाग इलाके में यह हादसा हुआ. कार में कुल सात लोग सवार थे.
मृतकों के नाम: डॉक्टर दिनेश माली
उनकी मां कमला देवी
बड़ी बहन गुड्डी देवी
भांजी अश्लेषा
भांजा आयुष्मान- जिंदा बचा
गुड्डी देवी की बेटियां - नम्रता और ज्योत्सना
हादसे के तुरंत बाद SDRF, स्थानीय गोताखोरों और प्रशासन की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. तेज बहाव और गहरे पानी के कारण शुरुआती दिनों में काफी मुश्किलें आईं. घटनास्थल से कार भी बरामद की गई. शुरुआती तलाश में चार शव मिल गए थे. सातवें दिन रविवार को सबसे पहले 16 वर्षीय ज्योत्सना का शव देवप्रयाग से करीब 15 किलोमीटर दूर व्यास घाट पर मिला.
सोमवार को देर शाम गुड्डी देवी और नम्रता के शव भी गंगा नदी से बरामद कर लिए गए. तीनों शवों की शिनाख्त के बाद उन्हें जैसलमेर पहुंचे परिजनों को सौंप दिया गया.
12 वर्षीय आयुष्मान को गंभीर हालत में एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों ने बताया कि उसकी हालत अब स्थिर है और वह खतरे से बाहर है. बच्चे का इलाज जारी है. देवप्रयाग कोतवाल प्रशांत बहुगुणा ने बताया कि नदी का तेज बहाव और ऊंचा जलस्तर होने के कारण सर्च ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था. टीम ने 8 किलोमीटर के दायरे में लगातार डीप डाइविंग की. पूरे सात दिनों तक रात-दिन तलाश जारी रही.
जैसलमेर में इस खबर से सन्नाटा छा गया है. पूरा परिवार चारधाम यात्रा पर निकला था, लेकिन वापसी में यह त्रासदी हो गई. परिजनों ने बताया कि वे भगवान के दर्शन करके बहुत खुश थे, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ छीन लिया. प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है कि कार नदी में कैसे गिरी.