देश के किसानों को बर्बाद करने की थी तैयारी, राजस्थान में मार्बल की कटिंग के कचरे से बने नकली DAP खाद की 13 फैक्ट्रियां सील
जांच में पता चला कि स्थानीय अधिकारी फैक्ट्रियों से मिले हुए थे, जिसके कारण पहले कोई कार्रवाई नहीं हुई. यह नकली खाद बिहार, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में ब्रांडेड कंपनियों के नाम वाले कट्टों में भरकर सप्लाई की जा रही थी. सभी फैक्ट्रियों को सील कर मुकदमा दर्ज किया गया है.
राजस्थान में नकली खाद बनाने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है. आजतक की टीम ने राज्य के कृषि और उपभोक्ता विभाग के साथ मिलकर किशनगढ़ के उदयपुर कलां इंडस्ट्रियल एरिया में 13 फैक्ट्रियों पर छापा मारा. इन फैक्ट्रियों में मार्बल स्लरी, मिट्टी और बालू को रंगकर DAP, MOP, SSP, प्रोम, बायोजाइम और जिप्सम जैसे नकली खाद तैयार किए जा रहे थे. यह नकली खाद बिहार, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में ब्रांडेड कंपनियों के नाम वाले कट्टों में भरकर सप्लाई की जा रही थी. सभी फैक्ट्रियों को सील कर मुकदमा दर्ज किया गया है.
मार्बल स्लरी से बनता था नकली खाद
आजतक की टीम ने फैक्ट्रियों में देखा कि मार्बल कटिंग से निकलने वाले कचरे को मिट्टी के साथ मिलाकर गर्म किया जाता था, जिससे खाद जैसे दाने बनाए जाते थे. इन्हें काला, भूरा, कत्थई और सिंदूरी रंगों में रंगकर DAP, SSP और MOP जैसे खाद के रूप में पैक किया जाता था. एक फैक्ट्री मालिक भाग गया, जबकि दूसरी फैक्ट्री में ट्रकों पर नकली खाद के कट्टे लादे जा रहे थे. मैनेजर ने सवालों पर जवाब देने से इनकार किया.
खेती और मिट्टी को भारी नुकसान
कृषि विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर नवल किशोर मीणा ने कहा, “इफ्को के नाम पर मार्बल स्लरी, मिट्टी और रेत में रंग मिलाकर नकली खाद बनाई जा रही थी.” दुर्गापुरा कृषि अनुसंधान केंद्र के अधिकारी धर्म सिंह गुर्जर ने चेतावनी दी, “इस खाद से खेत हमेशा के लिए बंजर हो जाएंगे.” अजमेर की कृषि अधिकारी ज्योति यादव ने कहा, “यह नकली प्रोडक्ट खेती के लिए खतरनाक है.” कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा, “यह विशाल रैकेट है, जिसमें मिट्टी और पत्थर के पाउडर से DAP, SSP और MOP बनाकर देशभर में सप्लाई किया जा रहा था.”