पंजाब को नई रेल सौगात, छेहरटा से वाराणसी के बीच चलेगी संत रविदास एक्सप्रेस; हजारों यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा
पंजाब और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच रेल यात्रा अब पहले से अधिक आसान होने जा रही है. रेलवे बोर्ड ने छेहरटा से वाराणसी के बीच नई संत रविदास एक्सप्रेस को मंजूरी दे दी है. यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन चलेगी और कई प्रमुख शहरों को जोड़ेगी.
रेल यात्रियों के लिए एक नई सुविधा जल्द शुरू होने वाली है. रेलवे बोर्ड ने छेहरटा और वाराणसी के बीच संत रविदास एक्सप्रेस चलाने की अनुमति दे दी है. इस नई सेवा से धार्मिक यात्रा, शिक्षा, रोजगार और पारिवारिक कारणों से सफर करने वाले हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा. पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख शहर इस ट्रेन से बेहतर तरीके से जुड़ जाएंगे. रेलवे ने इसके संचालन की तैयारियां भी तेज कर दी हैं.
सप्ताह में तीन दिन चलेगी नई ट्रेन
नई ट्रेन संख्या 14623 और 14624 संत गुरु रविदास जी के सम्मान में चलाई जाएगी. यह सेवा दोनों दिशाओं में सप्ताह में तीन दिन उपलब्ध रहेगी. छेहरटा से ट्रेन बुधवार, शुक्रवार और रविवार को दोपहर 2 बजकर 5 मिनट पर रवाना होगी. अमृतसर स्टेशन पर पांच मिनट रुकने के बाद आगे के सफर पर निकलेगी.
वापसी का समय भी हुआ तय
वाराणसी से वापसी में यह ट्रेन गुरुवार, शनिवार और सोमवार को सुबह 7 बजकर 50 मिनट पर रवाना होगी. शाम 4 बजकर 35 मिनट पर अमृतसर पहुंचेगी और इसके बाद 5 बजकर 10 मिनट पर छेहरटा पहुंचेगी. तय समय सारिणी से यात्रियों को यात्रा की बेहतर योजना बनाने में सुविधा मिलेगी.
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इन प्रमुख स्टेशनों पर मिलेगा ठहराव
यात्रा के दौरान ट्रेन लुधियाना, जालंधर सिटी, अंबाला छावनी, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, लखनऊ, सुल्तानपुर और जौनपुर सिटी सहित 11 प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी. इससे पंजाब के साथ हरियाणा और उत्तर प्रदेश के यात्रियों को भी सीधी रेल सुविधा का लाभ मिलेगा.
रेलवे ने शुरू की तैयारी
रेलवे बोर्ड ने उत्तर रेलवे को संचालन से जुड़ी सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर शुरुआत में इसे उद्घाटन विशेष ट्रेन के रूप में चलाया जा सकता है. बाद में इसे नियमित रेल सेवा में शामिल किया जाएगा.
यात्रियों को मिलेगा बड़ा लाभ
नई रेल सेवा शुरू होने से पंजाब के श्रद्धालुओं, छात्रों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों का सफर आसान होगा. अब वाराणसी और पूर्वी उत्तर प्रदेश जाने के लिए ट्रेन बदलने या लंबा इंतजार करने की जरूरत कम पड़ेगी. रेलवे का मानना है कि यह सेवा दोनों राज्यों के बीच संपर्क को मजबूत करने के साथ यात्रियों की सुविधा भी बढ़ाएगी.