पंजाब के संगरूर जिले में युवक मोहनजीत सिंह से कथित पुलिस अत्याचार के मामले में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. पंजाब सरकार के गृह विभाग के आदेश के बाद सुनाम के डीएसपी हरविंदर सिंह खैहरा का तबादला कर दिया गया है. इसके अलावा थाना सिटी सुनाम और थाना चीमा के SHO समेत एक ASI को पुलिस लाइन संगरूर भेज दिया गया है.
यह मामला संगरूर के नजदीकी गांव शेरों के रहने वाले मोहनजीत सिंह से जुड़ा है. उनके साथ कथित पुलिस अत्याचार के आरोप सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई है.
प्रशासनिक कार्रवाई के तहत डीएसपी सब-डिवीजन सुनाम हरविंदर सिंह खैहरा को संगरूर से स्थानांतरित कर दिया गया है. उन्हें डीएसपी प्रथम सीडीओ बटालियन बहादुरगढ़, जिला पटियाला के पद पर तैनात किया गया है. वहीं, एसएसपी संगरूर की ओर से थाना सिटी सुनाम के SHO इंस्पेक्टर प्रतीक जिंदल, थाना चीमा के SHO बलजीत सिंह और थाना सिटी सुनाम में तैनात ASI हरप्रीत सिंह को पुलिस लाइन संगरूर में लाइन हाजिर करने के आदेश जारी किए गए हैं.
मामले में इंसाफ की मांग को लेकर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने 21 सदस्यीय मोहनजीत इंसाफ संघर्ष कमेटी का गठन किया है. कमेटी की ओर से मामले में जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है. संघर्ष कमेटी ने डीएसपी समेत संबंधित पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग की है. साथ ही 6 सितंबर, रविवार को एसएसपी कार्यालय संगरूर के सामने बड़े रोष प्रदर्शन का ऐलान किया गया है. शनिवार को भी मोहनजीत सिंह से मुलाकात करने के लिए राजनीतिक, सामाजिक और सिख संगठनों के प्रतिनिधियों का सिलसिला जारी रहा.
भाजपा नेता दामन बाजवा ने दावा किया कि मोहनजीत सिंह के साथ कथित पुलिस अत्याचार के मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को लिखित शिकायत भेजी गई है.
उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कथित पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की. बाजवा ने कहा कि मोहनजीत सिंह को इंसाफ दिलाने के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा.