पंजाब में आफत की बारिश का अलर्ट! 12 सेमी तक बरसेंगे बादल, जलभराव और बाढ़ का बढ़ा खतरा
पंजाब में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है. मौसम विभाग ने 20 से 22 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. लोगों, किसानों और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
पंजाब में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और कई जिलों में लगातार बारिश का दौर जारी है. मौसम विभाग ने राज्य के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है. लगातार हो रही बारिश का असर डैमों, नदियों और बरसाती नालों के जलस्तर पर भी दिखाई देने लगा है. प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि लोगों और किसानों को भी आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार 20 से 22 जुलाई के बीच कुछ इलाकों में 12 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश हो सकती है. मंगलवार को पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वहीं अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और कुछ अन्य जिलों में यलो अलर्ट रहेगा.
चार दिनों का मौसम पूर्वानुमान
22 जुलाई को भी पूर्वी और मध्य पंजाब के कई जिलों में गरज चमक के साथ तेज बारिश की संभावना बनी रहेगी. 23 जुलाई से मौसम में कुछ राहत मिलने के संकेत हैं. इस दिन केवल कुछ उत्तरी जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है. 24 जुलाई को पूरे राज्य के लिए किसी भी तरह का मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है.
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तापमान में आई गिरावट
लगातार बादल और बारिश के कारण पंजाब का अधिकतम तापमान सामान्य से 3.9 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया. फरीदकोट में सबसे अधिक 41.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ. वहीं लुधियाना, जालंधर, पटियाला, अमृतसर और चंडीगढ़ समेत कई शहरों में तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया.
किसानों और आम लोगों के लिए सलाह
लगातार बारिश के कारण खेतों में जलभराव और फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है. किसानों को खेतों से पानी निकालने की व्यवस्था करने और फिलहाल उर्वरकों का छिड़काव रोकने की सलाह दी गई है. लोगों से नदियों और बरसाती नालों के किनारे जाने से बचने तथा गरज चमक के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है.
बढ़ सकता है जलभराव का खतरा
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव, नदियों का बढ़ता जलस्तर और बिजली तथा पेयजल सेवाओं पर असर पड़ सकता है. जिला प्रशासन को संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके.