तूफान ने मचाई तबाही, पंजाब में बिजली विभाग को करोड़ों का नुकसान; हजारों उपभोक्ता प्रभावित
पंजाब में आई तेज आंधी और तूफानी हवाओं ने बिजली ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया. 129 ट्रांसफार्मर और 850 बिजली खंभे क्षतिग्रस्त हुए. प्रारंभिक आकलन में बिजली निगम को दो करोड़ रुपये से अधिक की क्षति हुई है.
चंडीगढ़: गुरुवार को पंजाब के कई हिस्सों में चली तेज आंधी और तूफानी हवाओं ने जनजीवन के साथ बिजली व्यवस्था को भी प्रभावित कर दिया. मौसम के इस अचानक बदले मिजाज ने बिजली निगम के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी. प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार बिजली ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा है, जिससे कई इलाकों में आपूर्ति बाधित रही. हालांकि, निगम की टीमें तुरंत मैदान में उतरीं और प्रभावित क्षेत्रों में बिजली बहाली का काम तेजी से शुरू कर दिया गया.
तेज हवाओं का सबसे अधिक असर बिजली वितरण नेटवर्क पर देखने को मिला. बिजली निगम की शुरुआती रिपोर्ट में बताया गया है कि 129 वितरण ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए. इसके अलावा सैकड़ों बिजली खंभों को भी नुकसान पहुंचा. कई स्थानों पर तार टूटने और उपकरण खराब होने की घटनाएं सामने आईं.
850 खंभे और कई किलोमीटर लाइनें प्रभावित
तूफान की वजह से राज्यभर में करीब 850 बिजली खंभे गिर गए या क्षतिग्रस्त हो गए. इसके साथ ही 8.57 किलोमीटर लंबी विद्युत लाइन को नुकसान पहुंचा. लगभग आधा किलोमीटर निम्न वोल्टेज केबल और उच्च वोल्टेज केबल का एक हिस्सा भी प्रभावित हुआ. इससे कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित रही.
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मध्य क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान
बिजली निगम के अनुसार सबसे अधिक आर्थिक नुकसान मध्य क्षेत्र में दर्ज किया गया, जहां एक करोड़ 11 लाख रुपये से अधिक की क्षति हुई. दक्षिणी क्षेत्र में लगभग 37 लाख 49 हजार रुपये का नुकसान हुआ. पूर्वी, उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों में भी लाखों रुपये की क्षति दर्ज की गई. सीमावर्ती क्षेत्र में नुकसान अपेक्षाकृत कम रहा.
बिजली बहाली के लिए युद्धस्तर पर काम
तूफान के बाद प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल करना निगम की प्राथमिकता बन गया. अधिकारियों के निर्देश पर तकनीकी टीमों को तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया. मरम्मत कार्य लगातार जारी रहा और अधिकांश फीडरों की आपूर्ति कुछ घंटों के भीतर दोबारा शुरू कर दी गई. कई स्थानों पर कर्मचारी देर रात तक काम करते रहे.
अंतिम आकलन अभी जारी
बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि नुकसान का विस्तृत सर्वे अभी जारी है. विभिन्न जिलों से रिपोर्ट जुटाई जा रही हैं और स्थायी मरम्मत की योजना तैयार की जा रही है. जहां भी ढांचे को क्षति पहुंची है, वहां अतिरिक्त संसाधन और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई गई है. निगम का दावा है कि शेष कार्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा.