पंजाब पुलिस के SHO पर FBI का शिकंजा! गैंगस्टर से सांठगांठ के आरोपों से मचा हड़कंप

पंजाब के होशियारपुर में तैनात टांडा थाना प्रभारी गुरिंदरजीत सिंह नागरा पर अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने गैंगस्टर नेटवर्क की मदद और जबरन वसूली में सहयोग के आरोप लगाए हैं. पंजाब पुलिस ने उन्हें लाइन हाजिर कर विभागीय जांच शुरू कर दी है.

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Kuldeep Sharma

पंजाब पुलिस के एक अधिकारी का नाम अंतरराष्ट्रीय जांच में सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है. होशियारपुर के टांडा थाना प्रभारी गुरिंदरजीत सिंह नागरा पर अमेरिकी जांच एजेंसियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. मामले के सामने आते ही पंजाब पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी है.

अंतरराष्ट्रीय जांच में सामने आए गंभीर आरोप

अमेरिका की ओर से चलाए जा रहे 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' के दौरान गुरिंदरजीत सिंह नागरा का नाम कथित तौर पर सामने आया है. अमेरिकी अभियोजकों का दावा है कि उन्होंने गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के संगठित अपराध नेटवर्क को सहयोग दिया और जबरन वसूली की गतिविधियों में मदद की. आरोपों के अनुसार, विदेश में रह रहे एक परिवार को भारत में झूठे हत्या के मामले में फंसाने की धमकी देकर बड़ी रकम वसूलने की साजिश रची गई. हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और जांच जारी है.


वीडियो वायरल होने के बाद पंजाब पुलिस हरकत में

मामले ने तब तूल पकड़ा जब अमेरिकी अधिकारियों की मीडिया ब्रीफिंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. इसके बाद पंजाब पुलिस ने तत्काल कदम उठाते हुए गुरिंदरजीत सिंह नागरा को पुलिस लाइन भेज दिया. होशियारपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मलिक ने बताया कि फिलहाल भारत सरकार या संबंधित एजेंसियों से कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है. इसके बावजूद निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रारंभिक विभागीय जांच शुरू कर दी गई है, जिसकी जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी गई है.

जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी अगली कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा. यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. दूसरी ओर, अमेरिकी अभियोजकों के अनुसार यह मामला कई देशों में सक्रिय संगठित अपराध गिरोहों से जुड़ी व्यापक जांच का हिस्सा है. फिलहाल पंजाब पुलिस का कहना है कि अंतिम निर्णय विभागीय जांच रिपोर्ट और आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर ही लिया जाएगा. तब तक मामले को संवेदनशील मानते हुए हर स्तर पर सावधानी बरती जा रही है.