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गेहूं कटाई से पहले पंजाब ने तेल आपूर्ति बढ़ाने की मांग की, मान बोले- खाद्य सुरक्षा पर न आए खतरा

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र से 140 लाख मीट्रिक टन गेहूं की कटाई से पहले पेट्रोल-डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आपूर्ति में बाधा से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

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Sagar Bhardwaj

पंजाब में गेहूं की रिकॉर्ड 140 लाख मीट्रिक टन पैदावार की संभावना है, लेकिन कटाई सीजन से पहले राज्य ने केंद्र सरकार के सामने तेल आपूर्ति का मुद्दा उठा दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रधानमंत्री के साथ वर्चुअल बैठक में कहा कि फसल की कटाई और ढुलाई के लिए पेट्रोल-डीजल की नियमित आपूर्ति बेहद जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसमें किसी भी तरह की रुकावट देश की खाद्य सुरक्षा को सीधे नुकसान पहुंचा सकती है।

तेल आपूर्ति बढ़ाने की मांग
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि कटाई के दौरान बड़ी संख्या में ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और ट्रक चलते हैं। ऐसे में तेल आपूर्ति बढ़ाना समय की मांग है। उन्होंने बताया कि फिलहाल राज्य में 12 से 14 दिनों का पेट्रोल-डीजल और छह दिनों का एलपीजी स्टॉक है। उन्होंने लोगों से घबराने की अपील करते हुए कहा कि न तो कोई कमी है और न ही लॉकडाउन की कोई संभावना है।

जमाखोरी पर शिकंजा, हेल्पलाइन जारी
सीएम मान ने बताया कि राज्य में जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक 301 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव खुद आपूर्ति पर नजर रख रहे हैं। तेल संबंधी समस्याओं के लिए हेल्पलाइन नंबर 0172-3321001 जारी किया गया है, जहां लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

पंजाब ने देश को दिया भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब देश की खाद्य सुरक्षा में हमेशा अहम भूमिका निभाता रहा है। इस बार भी राज्य 140 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 139 लाख मीट्रिक टन धान उपलब्ध कराने को तैयार है। उन्होंने कहा, “अगर देश को 181 लाख मीट्रिक टन गेहूं चाहिए, तो वह कभी भी लिया जा सकता है। पंजाब देश का साथ देना जानता है।”

डीएपी खाद और एलपीजी पर भी जोर
सीएम मान ने केंद्र से डीएपी खाद की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी मांग की, क्योंकि 1 जून से धान की बुवाई शुरू हो रही है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी रीफिल की प्रतीक्षा अवधि 45 दिनों से घटाकर 25 दिन करने का सुझाव दिया। उन्होंने पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कम करने के केंद्र के फैसले का स्वागत करते हुए कूटनीतिक स्तर पर भी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।