सावधान! पंजाब में महिलाओं के लिए बड़ा अलर्ट, ₹1000 योजना के नाम पर साइबर ठग बिछा रहे हैं जाल
पंजाब में महिला सहायता योजना के तहत 1 जुलाई से पहली किस्त जारी होगी. इसी बीच साइबर ठग महिलाओं से आधार, पैन और बैंक विवरण मांगकर ठगी करने की कोशिश कर रहे हैं. चलिए जानते हैं लुधियाना पुलिस ने क्या जारी की है चेतावनी.
चंडीगढ़: पंजाब सरकार की महिला वित्तीय सहायता योजना के तहत 1 जुलाई से महिलाओं के खातों में राशि भेजी जाएगी. इस बीच योजना के रजिस्ट्रेशन के नाम पर साइबर ठगी के मामले सामने आने लगे हैं. महिलाओं को झांसे में लेकर आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाते की जानकारी मांगी जा रही है. इसे देखते हुए लुधियाना पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ निजी दस्तावेज साझा न करने की सलाह दी है.
सरकार के अनुसार 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र की प्रत्येक पात्र महिला को हर महीने 1000 रुपए दिए जाएंगे. वहीं अनुसूचित जाति वर्ग की पात्र महिलाओं को 1500 रुपए प्रति माह मिलेंगे. यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी.
क्या है प्रक्रिया?
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान सरकार महिलाओं के बैंक खाते का सत्यापन करने के लिए 1 रुपए ट्रांसफर करती है. कई महिलाओं को यह संदेश मोबाइल पर नहीं मिल रहा है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में बैकएंड से बैंक खाता सफलतापूर्वक सत्यापित हो जाता है और संदेश न आने पर भी घबराने की जरूरत नहीं है.
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साइबर ठग कैसे उठा रहे इसका फायदा?
इसी स्थिति का फायदा उठाकर साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं. वे सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर महिलाओं से संपर्क कर दावा कर रहे हैं कि यदि 1 रुपए का संदेश नहीं आया है तो वे उनका बैंक खाता सत्यापित करवा देंगे. इसके बदले वे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता संख्या और अन्य निजी जानकारी मांग रहे हैं.
लुधियाना पुलिस ने क्या दी है चेतावनी?
लुधियाना पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को व्हाट्सएप, सोशल मीडिया या फोन पर अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड, ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी या अन्य दस्तावेज साझा न करें. पुलिस के अनुसार ठग इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर आपके नाम पर फर्जी लोन ले सकते हैं या बैंक खाते से पैसे निकाल सकते हैं.
सीएम भगवंत मान ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि योजना की पहली किस्त 1 जुलाई को जारी की जाएगी. पहली किस्त में अप्रैल, मई और जून तीन महीनों की राशि एक साथ दी जाएगी. सामान्य वर्ग की महिलाओं को पहली बार 3000 रुपए और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 4500 रुपए उनके बैंक खातों में भेजे जाएंगे.
सरकार के आंकड़ों के अनुसार राज्य की लगभग 97 प्रतिशत वयस्क महिलाएं, यानी करीब 52 लाख महिलाएं, इस योजना के दायरे में आती हैं. अब तक 36 लाख से अधिक महिलाओं के कार्ड जारी किए जा चुके हैं. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन महिलाओं का पंजीकरण बाद में होगा, उन्हें भी योजना का लाभ 1 जुलाई 2026 से ही मिलेगा.