पंजाब में 'युद्ध नशों विरुद्ध' अभियान के तहत पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है. पुलिस के अनुसार 1 मार्च 2025 से 3 सितंबर 2026 तक सेफ पंजाब हेल्पलाइन पर नागरिकों ने 51,979 गुप्त सूचनाएं दीं. इन सूचनाओं के आधार पर नशा तस्करी और उससे जुड़ी गतिविधियों पर कार्रवाई करते हुए 25,339 आरोपितों की गिरफ्तारी की गई.
पुलिस के मुताबिक इस अवधि में एनडीपीएस एक्ट के तहत 59,293 मामले दर्ज किए गए. इनमें बड़ी संख्या में कार्रवाई नागरिकों से मिली सूचनाओं के आधार पर की गई.
अभियान का फोकस केवल छोटे स्तर पर नशा बेचने वालों तक सीमित नहीं है. पुलिस ने नशे की बड़ी खेप और उसके पीछे काम करने वाले नेटवर्क को भी निशाना बनाया है. दो किलोग्राम से अधिक हेरोइन से संबंधित मामलों में 696 बड़े तस्करों को गिरफ्तार किया गया. इससे संकेत मिलता है कि पुलिस नशे के पूरे आपूर्ति तंत्र को तोड़ने की दिशा में कार्रवाई कर रही है.
अभियान के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए हैं. कार्रवाई में 3,757 किलोग्राम हेरोइन, 964 किलोग्राम अफीम, 45 टन चूरा-पोस्त, 1,288 किलोग्राम गांजा और 71 किलोग्राम मेथामफेटामाइन बरामद किया गया.इसके अलावा एनडीपीएस एक्ट के तहत 62 लाख गोलियां और कैप्सूल भी जब्त किए गए. पुलिस ने नशे के कारोबार से जुड़ी करीब 22 करोड़ रुपये की रकम भी बरामद की है. वाणिज्यिक मात्रा से जुड़े 2,675 मामले दर्ज किए गए.
पुलिस की कार्रवाई के साथ नशे की लत से जूझ रहे लोगों को उपचार दिलाने पर भी जोर दिया जा रहा है. अभियान के दौरान 42,498 लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती कराया गया. वहीं 1,55,970 लोगों को ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट क्लीनिकों से जोड़ा गया. एनडीपीएस एक्ट की धारा 64 के तहत 11,239 लोगों को कानूनी प्रतिरक्षा भी दी गई है, जिससे नशे की गिरफ्त में फंसे लोगों को उपचार की ओर लाने में मदद मिल सके.
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि नागरिकों से मिली गुप्त सूचनाओं ने एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स को मजबूत किया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे भी लोग नशे की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाएंगे. एडीजीपी एएनटीएफ नीलाभ किशोर के अनुसार हेल्पलाइन पर मिली हजारों सूचनाएं इस बात का संकेत हैं कि नशे के खिलाफ लड़ाई में आम नागरिकों की भूमिका लगातार बढ़ रही है.