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पंजाब में ISI समर्थित ग्रेनेड हमले की साजिश को पुलिस ने किया नाकाम, 10 गिरफ्तार, विदेशी कनेक्शन बेनकाब

पंजाब पुलिस ने आईएसआई समर्थित ग्रेनेड हमले की साजिश का पर्दाफाश कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया. जांच में पाकिस्तान और मलेशिया के कनेक्शन सामने आए हैं. आरोपियों के पास से चीनी हथगोला भी बरामद हुआ.

X/@DGPPunjabPolice
Kanhaiya Kumar Jha

चंडीगढ़: पंजाब पुलिस ने गुरुवार को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा समर्थित एक ग्रेनेड हमले की साजिश का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस मॉड्यूल से जुड़े 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया कि ये आरोपी पाकिस्तान स्थित आकाओं के संपर्क में थे और राज्य में अशांति फैलाने के लिए ग्रेनेड हमला करने की योजना बना रहे थे.

तीन आरोपी मुक्तसर साहिब से गिरफ्तार

पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने बताया कि तीन प्रमुख आरोपियों की पहचान कुलदीप सिंह, शेखर सिंह और अजय सिंह उर्फ अजय के रूप में हुई है, जो श्री मुक्तसर साहिब जिले के रहने वाले हैं. इनसे पूछताछ में बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ.

प्रोडक्शन वारंट पर सूत्रधार और मददगार 

पुलिस ने बताया कि अन्य सात आरोपियों अमरीक सिंह, परमिंदर उर्फ चिरी, विजय, सुखजीत सिंह उर्फ सुख बराड़, सुखविंदर सिंह, करणवीर सिंह उर्फ विक्की और साजन कुमार उर्फ संजू को विभिन्न जेलों से प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया. इन पर ग्रेनेड की आपूर्ति और स्थानीय नेटवर्क को सक्रिय करने का आरोप है.

चीन निर्मित हथगोला बरामद

पुलिस टीमों ने आरोपियों के पास से एक चीनी हैंड ग्रेनेड बरामद किया है. प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपी मलेशिया में बैठे तीन सहयोगियों के जरिए पाकिस्तान स्थित आकाओं के संपर्क में थे. उन्हें आबादी वाले क्षेत्र में ग्रेनेड हमला करने का निर्देश मिला था ताकि पंजाब में अशांति और डर का माहौल बनाया जा सके.

विदेशी साजिश के तार मलेशिया से जुड़े

लुधियाना के पुलिस आयुक्त स्वप्न शर्मा ने बताया कि विश्वसनीय खुफिया इनपुट के आधार पर जोधेवाल थाने में मामला दर्ज किया गया. जांच में पता चला कि अजय मलेशिया, जस बहबल और पवनदीप नामक विदेशी मास्टरमाइंड इस साजिश के पीछे थे. ये मलेशिया में रहकर पंजाब में अपने पुराने सहयोगियों से संपर्क में थे, जो पहले नशीली दवाओं की तस्करी में शामिल रहे हैं.

गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी, रेड कॉर्नर नोटिस जारी

पुलिस ने बताया कि विदेशी आरोपियों के खिलाफ UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत केस दर्ज किया गया है और उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किए गए हैं. डीजीपी यादव ने कहा कि इस मामले के सभी 'फ्रंट और बैक लिंक' की गहराई से जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का सफाया किया जा सके.