पंजाब में बारिश बनी आफत... गुरदासपुर में टूटा डेढ़ दशक का रिकॉर्ड, खेतों से अस्पताल तक जलभराव

पंजाब में भारी बारिश ने कई जिलों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. गुरदासपुर में 155.8 मिमी वर्षा से 14 साल का रिकॉर्ड टूटा, जबकि रावी और घग्गर के बढ़ते जलस्तर से गांवों और सड़कों का संपर्क प्रभावित हुआ.

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Meenu Singh

पंजाब में मंगलवार रात से हुई तेज बारिश ने बुधवार को कई इलाकों की रफ्तार रोक दी. गुरदासपुर में 24 घंटे के भीतर 155.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 2012 के बाद एक दिन में सबसे अधिक है. रावी का जलस्तर बढ़ने से मकौड़ा पत्तन पर नाव सेवा बंद करनी पड़ी और सात गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ. आनंदपुर साहिब में सड़कों पर पानी भर गया, जबकि पटियाला में घग्गर के उफान ने खेतों और आबादी के लिए चिंता बढ़ा दी.

गुरदासपुर में बारिश ने तोड़ा रिकॉर्ड

गुरदासपुर में हुई मूसलाधार बारिश ने पिछले 14 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया. दीनानगर के पास रावी का पानी बढ़ने से मकौड़ा पत्तन पर नाव चलना बंद हो गया. इससे आसपास के सात गांवों के लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई. आनंदपुर साहिब में भी मुख्य रास्तों पर दो से चार फीट तक पानी जमा रहा. तख्त श्री केसगढ़ साहिब जाने वाले मार्ग पर श्रद्धालुओं को जलभराव के बीच से गुजरना पड़ा.

घग्गर के बढ़ते पानी से बढ़ी चिंता

चंडीगढ़ की सुखना झील से पानी छोड़े जाने के बाद पटियाला में घग्गर नदी फिर उफान पर आ गई. शम्सपुर के पास नदी का पानी ओवरफ्लो होने से खेतों और सड़कों पर पानी पहुंच गया. हालात नहीं सुधरे तो करीब 200 एकड़ फसल प्रभावित हो सकती है. प्रशासन ने लोगों से नदियों और नालों से दूर रहने की अपील की है. कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया.


मुकेरियां अस्पताल में घुसा पानी

होशियारपुर के मुकेरियां सिविल अस्पताल में बारिश का पानी करीब दस घंटे तक जमा रहा. पानी मरीजों के कमरों, आपातकालीन वार्ड और निचली मंजिल के कार्यालयों तक पहुंच गया. डॉक्टरों के कमरों में भी जलभराव हुआ. सुरक्षा को देखते हुए बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी. कर्मचारियों ने मरीजों की पर्चियां हाथ से बनाईं. नगर परिषद की मदद से टैंकरों द्वारा पानी निकालने के बाद अस्पताल की व्यवस्था दोबारा सामान्य की गई.

दो जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

एक जून से 19 अगस्त तक गुरदासपुर में 635.5 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 452.7 मिमी से 41 प्रतिशत अधिक है. पठानकोट में 932.2 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से 30 प्रतिशत ज्यादा है. दोनों जिले ग्रीन जोन में हैं. मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को कुछ इलाकों में हल्की से सामान्य बारिश हो सकती है. 26 अगस्त से मानसून फिर सक्रिय होने और चार दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है.