पंजाब के सरकारी स्कूलों में कूड़े के ढेर और गंदगी पर लगेगी लगाम, मुखी संभालेंगे पूरी जिम्मेदारी

पंजाब के सरकारी स्कूलों में सफाई और सुरक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए स्कूल क्लीनलिनेस एंड रेडीनेस ड्राइव शुरू किया जाएगा. स्कूल मैनेजमेंट कमेटी भी अभियान की निगरानी में सहयोग करेगी.

ChatGPT
Km Jaya

चंडीगढ़: पंजाब के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को साफ और सुरक्षित वातावरण देने के लिए शिक्षा विभाग ने विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में स्कूल क्लीनलिनेस एंड रेडीनेस ड्राइव चलाया जाएगा. इसके तहत स्कूल परिसर की सफाई से लेकर शौचालय, पेयजल, बिजली, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार किट और मिड डे मील तक की व्यवस्था की जांच की जाएगी.

डायरेक्टर स्कूल शिक्षा सेकेंडरी पंजाब की ओर से 21 अगस्त को जारी पत्र में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को अभियान प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं. विभाग ने कहा कि कई स्कूलों में परिसर और आसपास का क्षेत्र साफ नहीं रहता तथा जगह जगह कूड़े के ढेर दिखाई देते हैं. इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों में बीमारियां फैलने का खतरा रहता है.

स्कूल मुखी करेंगे पूरे परिसर का निरीक्षण

अभियान के तहत स्कूल मुखी पूरे परिसर का फिजिकल वाकथ्रू करेंगे. उन्हें ऐसी कमियों की पहचान करनी होगी, जिन्हें स्कूल स्तर पर तुरंत दूर किया जा सकता है. कक्षाओं, गलियारों, खेल मैदान और आसपास के क्षेत्रों को कूड़े, मलबे, अपशिष्ट और गैरजरूरी सामान से मुक्त रखने के निर्देश दिए गए हैं.


जहां निर्माण या मरम्मत का काम चल रहा है, वहां निर्माण सामग्री और मलबे को सुरक्षित तरीके से रखने या हटाने को कहा गया है.

बिजली और शौचालय की व्यवस्था भी जांची जाएगी

कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों में खराब या ढीली बिजली फिटिंग, स्विच और अन्य छोटी मरम्मत वाली चीजों को तुरंत ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं. इससे विद्यार्थियों को बिजली से जुड़े हादसों से बचाने में मदद मिलेगी.

लड़कों और लड़कियों के सभी शौचालय साफ, चालू और पानी तथा रोशनी की सुविधा से युक्त होने चाहिए. हाथ धोने के स्थानों पर पानी और साबुन उपलब्ध रखना भी जरूरी होगा. पेयजल की सभी सुविधाओं को साफ और चालू हालत में रखने के निर्देश दिए गए हैं.

फायर एक्सटिंग्विशर और फर्स्ट एड किट जरूरी

स्कूलों में अग्निशमन यंत्र और प्राथमिक उपचार किट सही स्थिति में रखनी होगी. इन्हें ऐसी जगह रखना होगा जहां जरूरत पड़ने पर आसानी से पहुंचा जा सके. दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए रास्तों और सुविधाओं को भी साफ, बाधारहित और उपयोग योग्य रखने के निर्देश दिए गए हैं.

मिड डे मील की गुणवत्ता पर भी नजर

स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि विद्यार्थियों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार मिड डे मील दिया जाए. भोजन स्वच्छ तरीके से तैयार किया जाए और विद्यार्थियों को पर्याप्त मात्रा में परोसा जाए.

स्कूल मुखी अभियान की पूरी जिम्मेदारी संभालेंगे और जरूरत के अनुसार स्टाफ को अलग अलग काम सौंपेंगे. स्कूल स्टाफ कक्षाओं, शौचालयों, गलियारों और खेल मैदानों की सफाई तथा रखरखाव सुनिश्चित करेगा.

एसएमसी भी करेगी निगरानी

स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के सदस्यों को भी स्कूल की सफाई, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं. शिक्षा विभाग का उद्देश्य सरकारी स्कूलों को विद्यार्थियों के लिए साफ, सुरक्षित और बेहतर वातावरण वाला बनाना है.